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Mandi News: फागु, नगारणी गांवों में भूस्खलन का खतरा, तीन मकानों को किया खाली
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मंडी के औट में दरक रही पहाड़ी।
- फोटो : Mandi
नगवाईं (मंडी)। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन निर्माण के कारण औट के फागु, नगारणी गांवों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। वीरवार को प्रशासन, एनएचएआई और पुलिस टीम ने पुन: प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और तीनों गांवों से तीन घरों को खाली करने के निर्देश जारी किए। इन घरों के दरकने का खतरा है।
प्रभावित परिवारों के रहने की व्यवस्था हणोगी माता मंदिर में की गई है, लेकिन प्रभावितों ने अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण लेने की बात कही है। जियोलॉजिकल विभाग की टीम ने भी सर्वे कर हालात का जायजा लिया है। बता दें कि बुधवार से इन गांवों के इर्द गिर्द फोरलेन के निर्माण का कार्य प्रशासन के आदेशों के बाद बंद है।
वीरवार को इन गांवों में फिर से भूस्खलन हुआ है और मलबा निर्माणाधीन फोरलेन पर गिरा है। वीरवार को भी यहां पहाड़ी के नीचे से पत्थर गिरे हैं। प्रभावित परिवारों में भगत राम पुत्र हरि राम, मस्त राम पुत्र हरि राम और ज्ञान चंद पुत्र मोहर सिंह शामिल हैं।
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इन गांवों में करीब दो-तीन दर्जन परिवार खतरे की जद में हैं। एसडीएम बालीचौकी सिद्धार्थ आचार्य ने कहा कि तीन मकानों को खाली करने के आदेश दिए हैं।
...
फिलहाल ये उपाय होंगे
एनएचएआई की टीम को भू-स्खलन को रोकने के कुछ उपाय भी बताए हैं। इसमें कहा गया है कि 95 मीटर तक के एरिया को लोहे की जाली से कवर किया जाएगा। भूस्खलन से संवेदनशील इलाकों के नीचे बड़े डंगे लगाए जाएंगे। उधर, एसडीएम ने कहा किक प्रशासन ग्रामीणों के निरंतर संपर्क में है।
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प्रभावित परिवारों के रहने की व्यवस्था हणोगी माता मंदिर में की गई है, लेकिन प्रभावितों ने अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण लेने की बात कही है। जियोलॉजिकल विभाग की टीम ने भी सर्वे कर हालात का जायजा लिया है। बता दें कि बुधवार से इन गांवों के इर्द गिर्द फोरलेन के निर्माण का कार्य प्रशासन के आदेशों के बाद बंद है।
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वीरवार को इन गांवों में फिर से भूस्खलन हुआ है और मलबा निर्माणाधीन फोरलेन पर गिरा है। वीरवार को भी यहां पहाड़ी के नीचे से पत्थर गिरे हैं। प्रभावित परिवारों में भगत राम पुत्र हरि राम, मस्त राम पुत्र हरि राम और ज्ञान चंद पुत्र मोहर सिंह शामिल हैं।
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इन गांवों में करीब दो-तीन दर्जन परिवार खतरे की जद में हैं। एसडीएम बालीचौकी सिद्धार्थ आचार्य ने कहा कि तीन मकानों को खाली करने के आदेश दिए हैं।
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फिलहाल ये उपाय होंगे
एनएचएआई की टीम को भू-स्खलन को रोकने के कुछ उपाय भी बताए हैं। इसमें कहा गया है कि 95 मीटर तक के एरिया को लोहे की जाली से कवर किया जाएगा। भूस्खलन से संवेदनशील इलाकों के नीचे बड़े डंगे लगाए जाएंगे। उधर, एसडीएम ने कहा किक प्रशासन ग्रामीणों के निरंतर संपर्क में है।