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जोगिंद्रनगर में कुत्तों के नसबंदी केंद्र में ताला लटकने पर प्रदर्शन
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जोगिंद्रनगर शहर में धरना-प्रदर्शन करते पार्षद अजय धरवाल, ममता कपूर व शीला देवी।
- फोटो : Mandi
जोगिंद्रनगर (मंडी)। कुत्तों के नसबंदी केंद्र में ताला लटके रहने पर कांग्रेस समर्थित तीन पार्षदों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पार्षद ममता कपूर, अजय धरवाल और शीला देवी ने लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए 30 लाख से अधिक की धनराशि से बने नसबंदी केंद्र और संसाधनों को इस्तेमाल में न लाने को लेकर उग्र धरने प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
बुधवार को तीनों पार्षदों ने पशु चिकित्सालय परिसर में बने नसबंदी केंद्र के बाहर करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी भी की। अजय धरवाल का आरोप है कि पशु चिकित्सालय और नगर परिषद की लापरवाही के चलते शहरी क्षेत्र में लावारिस कुत्तों के हमलों से लोग खौफजदा हैं। मासूम बच्चों से लेकर महिला, पुरुष और बुजुर्ग कुत्तों के काटने से घायल हो चुके हैं।
रेबीज से दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। फिर भी लावारिस कुत्तों की नसबंदी नहीं हो रही है। इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। कहा कि एक सप्ताह के भीतर नसबंदी केंद्र को इस्तेमाल में नहीं लाया गया तो नगर परिषद और पशु चिकित्सालय के अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। उपमंडलीय पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दीपक वर्मा ने कहा कि नसबंदी केंद्र में लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए दवाओं का भंडारण नहीं हो पाया है। प्रत्येक लावारिस कुत्ते की नसबंदी के लिए 1500 रुपये का खर्च आएगा। बजट और दवा का भंडारण शुरू होते ही नसबंदी का कार्य शुरू होगा।
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नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी चमन लाल ने बताया कि लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए होने वाले खर्च को लेकर निदेशक शहरी विभाग और पशु पालन विभाग से पत्राचार किया जा रहा है। संवाद
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बुधवार को तीनों पार्षदों ने पशु चिकित्सालय परिसर में बने नसबंदी केंद्र के बाहर करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान नारेबाजी भी की। अजय धरवाल का आरोप है कि पशु चिकित्सालय और नगर परिषद की लापरवाही के चलते शहरी क्षेत्र में लावारिस कुत्तों के हमलों से लोग खौफजदा हैं। मासूम बच्चों से लेकर महिला, पुरुष और बुजुर्ग कुत्तों के काटने से घायल हो चुके हैं।
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रेबीज से दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। फिर भी लावारिस कुत्तों की नसबंदी नहीं हो रही है। इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। कहा कि एक सप्ताह के भीतर नसबंदी केंद्र को इस्तेमाल में नहीं लाया गया तो नगर परिषद और पशु चिकित्सालय के अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। उपमंडलीय पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दीपक वर्मा ने कहा कि नसबंदी केंद्र में लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए दवाओं का भंडारण नहीं हो पाया है। प्रत्येक लावारिस कुत्ते की नसबंदी के लिए 1500 रुपये का खर्च आएगा। बजट और दवा का भंडारण शुरू होते ही नसबंदी का कार्य शुरू होगा।
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नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी चमन लाल ने बताया कि लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए होने वाले खर्च को लेकर निदेशक शहरी विभाग और पशु पालन विभाग से पत्राचार किया जा रहा है। संवाद