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गोहर के दाण में मकान राख, तीन परिवार बेघर
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मंडी के गोहर के दाण गांव में मकान में लगी आग।
- फोटो : Mandi
गोहर (मंडी)। उपमंडल गोहर की ग्राम पंचायत दाण में सोमवार दोपहर बाद तीन कमरों का मकान जलकर राख हो गया है। मकान में तीन परिवार रह रहे थे, जो बेघर हो गए हैं।
घटना के वक्त घर में कोई नहीं था। धुआं उठते ही लोग आग बुझाने के लिए जुट गए लेकिन आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया।
घर में एक के बाद एक चार गैस सिलिंडरों के धमाके से गांव दहल गया। इस दौरान आसपास के मकानों में भी आग लगने का खतरा पैदा हो गया और अफरातफरी मच गई।
साथ लगती गोशाला में एक गाय को ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद बचाया गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग के वाहन मौके पर पहुंचे और आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया गया।
प्रशासन की ओर से फौरी तौर पर 20,000 की राहत राशि जारी कर दी है। एसडीएम गोहर रमन शर्मा ने बताया कि घटना में करीब 18 लाख रुपये की संपत्ति राख हुई है।
यह मकान नरोत्तम पुत्र थूनिया का है। मकान के एक कमरे में नरोत्तम, एक कमरे में उसका बेटा जगदीश चंद और एक कमरे में उसके दूसरे बेटे की पत्नी सीमा देवी रहती है।
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फायर हाइड्रेंट की मांग उठाई
ग्रामीणों ने प्रत्येक गांव में फायर हाइड्रेंट की मांग की है ताकि आग की घटनाओं में हाइड्रेंट से पानी मिल सके। सोमवार को दाण गांव में आग बुझाते वक्त दमकल विभाग के वाहन में पानी खत्म हो गया। गाड़ी को दोबारा पानी भरने के लिए वैकल्पिक स्थान ख्योड (बासा) में जाना पड़ा।
ग्रामीणों में सरोज, मोहन, प्रदीप और दीपक ने बताया कि गांवों में हाइड्रेंट प्वाइंट बनाए जाने चाहिए। अगर हाइड्रेंट होता तो आग पर समय रहते काबू पाया जा सकता था। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जल्द ही गोहर, चैलचौक, गणेश चौक, स्यांज, बासा मौवीसेरी, बाड़ू आदि क्षेत्रों में हाइड्रेंट लगाए जाएं। संवाद
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घटना के वक्त घर में कोई नहीं था। धुआं उठते ही लोग आग बुझाने के लिए जुट गए लेकिन आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया।
घर में एक के बाद एक चार गैस सिलिंडरों के धमाके से गांव दहल गया। इस दौरान आसपास के मकानों में भी आग लगने का खतरा पैदा हो गया और अफरातफरी मच गई।
साथ लगती गोशाला में एक गाय को ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद बचाया गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग के वाहन मौके पर पहुंचे और आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया गया।
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प्रशासन की ओर से फौरी तौर पर 20,000 की राहत राशि जारी कर दी है। एसडीएम गोहर रमन शर्मा ने बताया कि घटना में करीब 18 लाख रुपये की संपत्ति राख हुई है।
यह मकान नरोत्तम पुत्र थूनिया का है। मकान के एक कमरे में नरोत्तम, एक कमरे में उसका बेटा जगदीश चंद और एक कमरे में उसके दूसरे बेटे की पत्नी सीमा देवी रहती है।
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फायर हाइड्रेंट की मांग उठाई
ग्रामीणों ने प्रत्येक गांव में फायर हाइड्रेंट की मांग की है ताकि आग की घटनाओं में हाइड्रेंट से पानी मिल सके। सोमवार को दाण गांव में आग बुझाते वक्त दमकल विभाग के वाहन में पानी खत्म हो गया। गाड़ी को दोबारा पानी भरने के लिए वैकल्पिक स्थान ख्योड (बासा) में जाना पड़ा।
ग्रामीणों में सरोज, मोहन, प्रदीप और दीपक ने बताया कि गांवों में हाइड्रेंट प्वाइंट बनाए जाने चाहिए। अगर हाइड्रेंट होता तो आग पर समय रहते काबू पाया जा सकता था। स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि जल्द ही गोहर, चैलचौक, गणेश चौक, स्यांज, बासा मौवीसेरी, बाड़ू आदि क्षेत्रों में हाइड्रेंट लगाए जाएं। संवाद