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नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के दो दोषियों को 20-20 साल कैद
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मंडी। नाबालिगा से दुष्कर्म का अभियोग साबित होने पर अदालत ने दो दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) की अदालत ने 11 साल की नाबालिग से दुष्कर्म के दो दोषियों पर धारा 376-एबी, 377, 506 और पोक्सो की धारा चार और छह के तहत अभियोग साबित होने पर 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
दोषियों की ओर से जुर्माना राशि निश्चित समय में अदा न करने पर उन्हें छह-छह माह तक अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने बताया कि 27 जून 2021 को पीड़िता की मां ने पीड़िता के साथ महिला थाना में आकर रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसमें कहा कि रमन और गगन ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। दोनों ने धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो वे जान से मार देंगे। महिला थाना ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करके इसकी तहकीकात निरीक्षक रीता शर्मा और उपनिरीक्षक डिंपल कुमारी को दी थी। तहकीकात पूरी होने पर अदालत में अभियोग चलाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विनोद चौधरी ने 22 गवाहों के बयान कमलबद्ध करवाए। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपियों के खिलाफ नाबालिगा से दुष्कर्म करने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने दोषियों को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है। संवाद
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दोषियों की ओर से जुर्माना राशि निश्चित समय में अदा न करने पर उन्हें छह-छह माह तक अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने बताया कि 27 जून 2021 को पीड़िता की मां ने पीड़िता के साथ महिला थाना में आकर रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसमें कहा कि रमन और गगन ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। दोनों ने धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो वे जान से मार देंगे। महिला थाना ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करके इसकी तहकीकात निरीक्षक रीता शर्मा और उपनिरीक्षक डिंपल कुमारी को दी थी। तहकीकात पूरी होने पर अदालत में अभियोग चलाया।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक विनोद चौधरी ने 22 गवाहों के बयान कमलबद्ध करवाए। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपियों के खिलाफ नाबालिगा से दुष्कर्म करने का अभियोग संदेह की छाया से दूर साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने दोषियों को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है। संवाद
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