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चरस रखने का अभियोग साबित न होने पर आरोपी बरी
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मंडी। चरस के साथ पकड़े जाने का अभियोग साबित न होने पर अदालत ने एक आरोपी को बरी कर दिया है। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने दिल्ली के देवनगर (करोल बाग) निवासी हनी कुमार के खिलाफ एनडीपीएस की धारा 20 के तहत अभियोग साबित न होने पर उसे बरी किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सदर थाना पुलिस का दल एक अप्रैल 2016 को पुलघराट के पास मौजूद था। इसी दौरान आरोपी पुलघराट से रामनगर की ओर आया। पुलिस को देख वह भागने लगा। पुलिस ने उसे कुछ ही दूरी पर काबू कर लिया और तलाशी ली।
उससे 200 ग्राम चरस बरामद हुई। अदालत ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष का यह कहना था कि आरोपी को सुनसान जगह पर काबू किया गया था लेकिन गवाहों ने माना है कि मौका स्थल के नजदीक दुकानें और रिहायशी मकान हैं। इस पर यह अभियोग साबित नहीं हो पाया। इस कारण अदालत ने आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया है। संवाद
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अभियोजन पक्ष के अनुसार सदर थाना पुलिस का दल एक अप्रैल 2016 को पुलघराट के पास मौजूद था। इसी दौरान आरोपी पुलघराट से रामनगर की ओर आया। पुलिस को देख वह भागने लगा। पुलिस ने उसे कुछ ही दूरी पर काबू कर लिया और तलाशी ली।
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उससे 200 ग्राम चरस बरामद हुई। अदालत ने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष का यह कहना था कि आरोपी को सुनसान जगह पर काबू किया गया था लेकिन गवाहों ने माना है कि मौका स्थल के नजदीक दुकानें और रिहायशी मकान हैं। इस पर यह अभियोग साबित नहीं हो पाया। इस कारण अदालत ने आरोपी को बरी करने का फैसला सुनाया है। संवाद
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