{"_id":"636e8da952ce800701479477","slug":"mandi-news-himachal-newcourt-rejected-the-appeal-of-the-accused-of-check-bounce-mandi-news-sml4275580159","type":"story","status":"publish","title_hn":"अदालत ने की चेक बाउंस के आरोपी की अपील निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अदालत ने की चेक बाउंस के आरोपी की अपील निरस्त
विज्ञापन
मंडी। चेक बाउंस के मामले में अपीलीय अदालत ने अधीनस्थ न्यायालय की सजा को बरकरार रखते हुए आरोपी की अपील को निरस्त करने का फैसला सुनाया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एक) की अपीलीय अदालत ने करसोग सर्किट के दौरान माहूंनाग निवासी लाला राम की अपील को खारिज करते हुए अधीनस्थ न्यायालय की सुनाई गई सजा के फैसले को बरकरार रखा है। अधीनस्थ न्यायालय ने सुंदरनगर तहसील के नाल (चुरड़) निवासी बलदेव कुमार की शिकायत पर आरोपी लाला राम के खिलाफ चलाए गए अभियोग के साबित होने पर उसे तीन माह के साधारण कारावास और 2,20,000 रुपये हर्जाने का फैसला सुनाया था।
शिकायतकर्ता ने अधीनस्थ न्यायालय में निगोशिएबल इन्स्ट्रुमेंट अधिनियम की धारा 138 के तहत शिकायत दायर कर आरोपी पर अभियोग चलाया था। आरोपी ने उनसे तीन लाख रुपये की राशि गाड़ी खरीदने के लिए उधार ली थी। इस पर आरोपी की ओर से दिया गया चेक बाउंस हो गया।
अधीनस्थ न्यायालय ने शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर चेक बाउंस का अपराध साबित होने पर लाला राम को उक्त सजा का फैसला सुनाया था। आरोपी ने इस फैसले को अपीलीय न्यायालय में चुनौती दी थी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एक) की अपीलीय अदालत ने करसोग सर्किट के दौरान माहूंनाग निवासी लाला राम की अपील को खारिज करते हुए अधीनस्थ न्यायालय की सुनाई गई सजा के फैसले को बरकरार रखा है। अधीनस्थ न्यायालय ने सुंदरनगर तहसील के नाल (चुरड़) निवासी बलदेव कुमार की शिकायत पर आरोपी लाला राम के खिलाफ चलाए गए अभियोग के साबित होने पर उसे तीन माह के साधारण कारावास और 2,20,000 रुपये हर्जाने का फैसला सुनाया था।
शिकायतकर्ता ने अधीनस्थ न्यायालय में निगोशिएबल इन्स्ट्रुमेंट अधिनियम की धारा 138 के तहत शिकायत दायर कर आरोपी पर अभियोग चलाया था। आरोपी ने उनसे तीन लाख रुपये की राशि गाड़ी खरीदने के लिए उधार ली थी। इस पर आरोपी की ओर से दिया गया चेक बाउंस हो गया।
विज्ञापन
अधीनस्थ न्यायालय ने शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर चेक बाउंस का अपराध साबित होने पर लाला राम को उक्त सजा का फैसला सुनाया था। आरोपी ने इस फैसले को अपीलीय न्यायालय में चुनौती दी थी। संवाद
विज्ञापन