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बसंत पंचमी पर वरिष्ठ नागरिकों ने जमाई सुरों की महफिल
मंडी
Updated Thu, 02 Feb 2017 10:51 PM IST
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संगीत सदन मंडी में बसंत पंचमी के उपलक्ष पर भजन संध्या में कार्यक्रम प्रस्तुत करते वरिष्ठ नागरिक।
- फोटो : अमर उजाला
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मंडी। संगीत सदन मंडी में बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में संगीत संध्या आयोजित की गई। जिसमें शहर के नागरिकों ने सुरों की महफिल सजाई। डॉ. चिरंजीत परमार, प्रो. बलवंत वशिष्ठ, शुक्ला शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आगाज सदन के कलाकार आयुण गुप्ता, भव्य कृति, कल्पना, तमन्ना, कमला, दुरवा एवं लक्ष्मी ने सरस्वती वंदना ..वर दे वर दे वीणा वादिनी वर दे.. से किया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सामूहिक भजन गोपी प्रभु मनोहारी की सुंदर प्रस्तुति दी। ईशा डोगरा ने संगीत सदन में संगीत सीख रहे छात्रों के बारे में जानकारी दी।
बताया कि जिला एवं प्रदेश तथा प्रदेश के बाहर समय-समय पर संपन्न विभिन्न संगीत प्रतियोगिताओं में गायन, वादन एवं नृत्य में विभिन्न पुरस्कार जीते। इसके बाद संगीत सदन में संगीत का प्रशिक्षण ले रहे वरिष्ठ नागरिक जिन्हें ओल्ड ब्वॉयज बैंड भी कहते हैं, ने अपने अंदाज में.. ऐ मालिक तेरे बंदे हम गाकर श्रोताओं का भाव विभोर कर दिया। रजनी ने बाजे रे मुरलिया बाजे रे और विजय शर्मा ने भजन गाकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। विनोद बहल ने इस अवसर पर मंडयाली कविता बसंत आया बसंत आया सुनाई.. जिसे श्रोताओं ने खूब पसंद किया। नित्यदर्शी वैद्य ने मंच संचालन बखूबी किया और अपने चुटीले अंदाज में श्रोताओं को हंसाया। संगीत सदन के संचालक उमेश भारद्वाज ने अपनी मधुर आवाज में अनूप जलोटा के दो भजन गाकर सबको मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति शुक्ला शर्मा के नाम रही।
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बताया कि जिला एवं प्रदेश तथा प्रदेश के बाहर समय-समय पर संपन्न विभिन्न संगीत प्रतियोगिताओं में गायन, वादन एवं नृत्य में विभिन्न पुरस्कार जीते। इसके बाद संगीत सदन में संगीत का प्रशिक्षण ले रहे वरिष्ठ नागरिक जिन्हें ओल्ड ब्वॉयज बैंड भी कहते हैं, ने अपने अंदाज में.. ऐ मालिक तेरे बंदे हम गाकर श्रोताओं का भाव विभोर कर दिया। रजनी ने बाजे रे मुरलिया बाजे रे और विजय शर्मा ने भजन गाकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। विनोद बहल ने इस अवसर पर मंडयाली कविता बसंत आया बसंत आया सुनाई.. जिसे श्रोताओं ने खूब पसंद किया। नित्यदर्शी वैद्य ने मंच संचालन बखूबी किया और अपने चुटीले अंदाज में श्रोताओं को हंसाया। संगीत सदन के संचालक उमेश भारद्वाज ने अपनी मधुर आवाज में अनूप जलोटा के दो भजन गाकर सबको मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति शुक्ला शर्मा के नाम रही।
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