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Mandi News: मूल मोहरे के साथ 80 वर्ष बाद शिवरात्रि महोत्सव में शिरकत करेंगे मगरू महादेव

Wed, 06 Mar 2024 11:10 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Wed, 06 Mar 2024 11:10 AM IST
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Magru Mahadev will participate in Shivratri festival after 80 years with the original piece
गोहर (मंडी)। सिराज घाटी के मगरू मानगढ़ के आराध्य देवता मगरू महादेव छतरी 80 वर्ष बाद मंडी शिवरात्रि महोत्सव में अपने मूल मोहरे (मुख) के साथ शिरकत करेंगे। 120 किलोमीटर पैदल सफर करने वाले मगरू महादेव जिला के एक मात्र देवता हैं, जो सबसे अधिक दूरी तय कर छोटी काशी पहुंचते हैं। भगवान भोले नाथ का स्वरूप मगरू महादेव 80 साल बाद मूल मोहरे को रथ पर चढ़ाकर मंडी पहुंच रहे हैं।
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देव समाज में देवता के मूल मुख के रथ में सजने से उत्साह बना हुआ है। देवता के मुख्य मोहरे का दीदार करने इस बार छोटी काशी में खासी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। मगरू महादेव अपने मूल स्थान छतरी से छोटी काशी के लिए रवाना हो गए हैं। देवता सिराजघाटी से होकर 8 मार्च को मंडी पहुंचेंगे और राज देवता माधोराय से भव्य मिलन करेंगे।
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देवता के कारदार कश्मीर सिंह ने देवता के मूल मोहरे के साथ रथ के साथ मंडी रवाना होने की पुष्टि की है। पहले देवता शिवरात्रि मेले के लिए फर्श पर मूल मुख सुशोभित होकर बल्ह के बैहना तक निकलते थे और वहां से अपने रथ का रूप धारण कर मंडी पहुंचते थे, लेकिन इस बार देवता मूल कोठी से ही रथ के रूप में शिरकत करेंगे।
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रियासत काल में मगरू महादेव का रुतबा माधोराय के समान था और शिवरात्रि पर राज देवता माधोराय के साथ मगरू महादेव का चित्र भी साथ चस्पा होता था। राजशाही समाप्त होने के बाद मगरू महादेव ने 50 साल तक शिवरात्रि महोत्सव में शिरकत नहीं की थी। प्रशासन और सर्व देवता सेवा समिति के आग्रह पर देव मगरू महादेव शिवरात्रि में शिरकत करने पहुंचे थे।

आज पाली के बाड़ी मंदिर पहुंचेंगे बड़ादेव हुरंग नारायण

पधर (मंडी)। बड़ा देव हुरंग नारायण मंडी पड़ाव के दौरान नारला से कुन्नू पहुंच गए हैं। देव हुरंग नारायण की पैदल यात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। नारला गांव देव हुरंग नारायण की बाल लीलाओं का केंद्र रहा है। अगले पड़ाव में देव हुरंग नारायण कुन्नू से भटेहड़ पहुंचेंगे। रात्रि ठहराव पाली के बाड़ी गांव में प्राचीन मंदिर में करेंगे। इसके बाद गांव में देव नारायण बावड़ी की परिक्रमा करेंगे। देव नारायण आने वाले दिनों में सीह, भटेहड़, पिपली, सिलग, पाली, द्रंग, टांडू, बिजनी से होते हुए मंडी पहुंचेंगे।


सोने के रथ पर सवार होकर निकले देव मतलोडा
गोहर (मंडी)। करोड़ों के सोने के रथ में सवार होकर बड़ा देव विष्णु मतलोडा मंगलवार को छोटी काशी शिवरात्रि मेले के लिए रवाना हुए हैं। देवता 80 किलोमीटर सफर कर आठ मार्च को छोटी काशी पहुंचकर राज देवता माधोराय के दरबार में दिव्य मिलन करेंगे। चौहट कोठी से देवता कुल्थनी गांव आए थे, जहां से देवता ने मंगलवार को मंडी शिवरात्रि के लिए प्रस्थान किया है। उधर, देवता शैटीनाग भी मंडी शिवरात्रि मेले के लिए रवाना हो गए हैं। वह मंगलवार शाम को बालीचौकी पहुंचे। कुल्लू जिला के आनी के आराध्य देवता खुड्डी जहल बगस्याड़ पहुंच गए हैं। जिनका जगह जगह भव्य स्वागत किया जा रहा है।
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