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Mandi News: महाशिवरात्रि महोत्सव की शोभा बढ़ाएंगे मगरू महादेव

Thu, 05 Feb 2026 06:17 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Thu, 05 Feb 2026 06:17 AM IST
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Magru Mahadev will enhance the beauty of Mahashivratri festival
थुनाग (मंडी)। मगरू मानगढ़ के आराध्य देव मगरू महादेव अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव की शोभा बढ़ाने के लिए अपनी मूल कोठी छतरी से 11 फरवरी को निकलेंगे। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि हिमाचल प्रदेश की प्राचीन रियासतकालीन परंपराओं और देव संस्कृति की जीवंत धारा को भी उजागर करती है।
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रियासत काल में मगरू महादेव का रुतबा राज देवता माधोराय (माधव राय) के समकक्ष माना जाता था। माधोराय मंडी रियासत के संरक्षक देवता हैं और महाशिवरात्रि उत्सव की शुरुआत तथा शोभायात्रा में उनकी प्रमुख भूमिका रही है। उस समय मगरू महादेव को इतना ऊंचा दर्जा प्राप्त था कि महाशिवरात्रि पर राज देवता माधोराय के साथ उनका चित्र भी चस्पां किया जाता था। यह परंपरा मंडी रियासत की धार्मिक-सांस्कृतिक एकता और देवताओं के बीच सामंजस्य को दर्शाती है, मगरू महादेव राजकीय स्तर पर महत्वपूर्ण स्थान रखते थे।
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मगरू महादेव को भगवान शिव का अवतार माना जाता है और मंडी के महाशिवरात्रि मेले की परंपरा इन्हीं के नाम पर जुड़ी हुई है। रियासत काल में यह उत्सव राज परिवार द्वारा संचालित होता था, जिसमें दूर-दराज के देवताओं की उपस्थिति अनिवार्य थी। आजादी के बाद रियासत समाप्त होने पर मगरू महादेव ने लगभग 50 वर्षों तक शिवरात्रि महोत्सव में शिरकत नहीं की, जो उनकी रियासतकालीन गरिमा और स्वतंत्र स्थिति को रेखांकित करता है। प्रशासन तथा सर्व देवता समिति के आग्रह पर ही वे पुनः भाग लेने लगे।
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देवता के कारदार कश्मीर सिंह ने बताया कि इस बार देव मगरू महादेव सूक्ष्म रूप में छतरी से बल्ह के बैहना तक आएंगे, फिर बैहना से रथ रूप धारण कर मंडी पहुंचेंगे। यह पांच दिवसीय 121 किलोमीटर की पदयात्रा भक्ति, अनुशासन और देव संस्कृति का अद्भुत संगम है। यात्रा मार्ग में जंजैहली, बगस्याड़, मोवीसीरी जैसे देवस्थलों पर दीपकों की आरती और भव्य स्वागत होगा। देवता 15 फरवरी को मंडी पहुंचेंगे और 16 फरवरी को जलेब में शिरकत करेंगे।
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