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Mandi News: जलेब में सबसे आगे भगवान शिव-पार्वती, नंदी बैल के साथ गण
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मंडी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव का सोमवार को विधिवत आगाज हुआ। 2:14 बजे राज देवता माधो राय मंदिर परिसर से जलेब पड्डल के लिए रवाना हुई। जलेब में देवी-देवताओं ने शिरकत की। नाचते झूमते देवलुओं की ओर से लगाए गए जयकारों और देवताओं की स्तुति से समूचा माहौल देवमयी हो गया।
जलेब में शामिल राज देवता माधो राय और अन्य देवी देवताओं के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग ऐतिहासिक सेरी मंच पर जुटे रहे। उपायुक्त कार्यालय के प्रवेश द्वार से लेकर पड्डल तक के दायरे में सड़कों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सड़क किनारे इमारतों से भी लोगों ने भव्य जलेब को निहारा।
मुकेश अग्निहोत्री ने पगड़ी बांध कर राजदेवता माधो राय की पूजा-अर्चना की
1:48 बजे अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री उपायुक्त कार्यालय परिसर में पहुंचे। इस दौरान शहर में कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया गया। मुख्य अतिथि ने सिर पर पगड़ी बांध राज देवता माधो राय की पूजा-अर्चना की। इसके बाद सवा दो बजे प्रथम जलेब पड्डल के लिए रवाना हुई। जलेब में सबसे आगे भगवान शिव-पार्वती, नंदी बैल और गण चले। उनके पीछे बल्ह क्षेत्र के सांस्कृतिक दल के कलाकार नृत्य करते हुए शामिल हुए। पूर्व सैनिकों की टुकड़ी, उसके बाद परंपरा का निर्वहन करते हुए घुड़सवार और उनके पीछे होमगार्ड बैंड एवं जवानों के साथ पुलिस की टुकड़ी आगे बढ़ रही थी।
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जलेब में सबसे आगे चले देव छांजणू-छमांहू
जलेब की परंपरा के अनुसार सबसे आगे सराज के बालीचौकी क्षेत्र के देव छांजणू-छमांहू सैकड़ों देवलुओं के साथ शरीक हुए। उनके बाद देव कोटलू, मार्केंडय ऋषि, देव विष्णु मतलोडा, देव शैट्टी नाग, माता अंबिका, देव मगरू महादेव, बायला नारायण, देव चपलांदू, देव बिठू नारायण, देव हुरंग नारायण, देव घड़ौनी नारायण, देव पेखरा गहरी, देव पशाकोट, देव चुंजवाला, मां अंबिका का रथ चल रहा था। इसके बाद राज देवता माधो राय पालकी में विराजमान होकर जलेब में शामिल हुए। उनके पीछे देव ढघांडू, शुकदेव ऋषि थट्टा, देव आदि गणपति, देव झाथीवीर, देव टुंडीवीर देव शेष नाग टेपर ने शामिल होकर जलेब की शोभा बढ़ाई। सबसे अंत में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री समेत अन्य नाते खुले वाहन में सवार होकर पड्डल पहुंचे।
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जलेब में शामिल राज देवता माधो राय और अन्य देवी देवताओं के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग ऐतिहासिक सेरी मंच पर जुटे रहे। उपायुक्त कार्यालय के प्रवेश द्वार से लेकर पड्डल तक के दायरे में सड़कों पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सड़क किनारे इमारतों से भी लोगों ने भव्य जलेब को निहारा।
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मुकेश अग्निहोत्री ने पगड़ी बांध कर राजदेवता माधो राय की पूजा-अर्चना की
1:48 बजे अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री उपायुक्त कार्यालय परिसर में पहुंचे। इस दौरान शहर में कुछ समय के लिए यातायात रोक दिया गया। मुख्य अतिथि ने सिर पर पगड़ी बांध राज देवता माधो राय की पूजा-अर्चना की। इसके बाद सवा दो बजे प्रथम जलेब पड्डल के लिए रवाना हुई। जलेब में सबसे आगे भगवान शिव-पार्वती, नंदी बैल और गण चले। उनके पीछे बल्ह क्षेत्र के सांस्कृतिक दल के कलाकार नृत्य करते हुए शामिल हुए। पूर्व सैनिकों की टुकड़ी, उसके बाद परंपरा का निर्वहन करते हुए घुड़सवार और उनके पीछे होमगार्ड बैंड एवं जवानों के साथ पुलिस की टुकड़ी आगे बढ़ रही थी।
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जलेब में सबसे आगे चले देव छांजणू-छमांहू
जलेब की परंपरा के अनुसार सबसे आगे सराज के बालीचौकी क्षेत्र के देव छांजणू-छमांहू सैकड़ों देवलुओं के साथ शरीक हुए। उनके बाद देव कोटलू, मार्केंडय ऋषि, देव विष्णु मतलोडा, देव शैट्टी नाग, माता अंबिका, देव मगरू महादेव, बायला नारायण, देव चपलांदू, देव बिठू नारायण, देव हुरंग नारायण, देव घड़ौनी नारायण, देव पेखरा गहरी, देव पशाकोट, देव चुंजवाला, मां अंबिका का रथ चल रहा था। इसके बाद राज देवता माधो राय पालकी में विराजमान होकर जलेब में शामिल हुए। उनके पीछे देव ढघांडू, शुकदेव ऋषि थट्टा, देव आदि गणपति, देव झाथीवीर, देव टुंडीवीर देव शेष नाग टेपर ने शामिल होकर जलेब की शोभा बढ़ाई। सबसे अंत में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री समेत अन्य नाते खुले वाहन में सवार होकर पड्डल पहुंचे।
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