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Mandi News: मकान मालिकों को गारबेज आईडी में दर्ज कराने होंगे किरायेदार
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मंडी। नगर निगम मंडी के क्षेत्र में अब मकान मालिकों को अपनी गारबेज आईडी के साथ किरायेदारों को पंजीकृत करवाना होगा। ऐसा न करने वाले मकान मालिकों के खिलाफ निगम सख्त कानूनी और नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाएगा। शहर में गारबेज कलेक्शन व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए नगर निगम की टीमें जल्द घरों में जाकर री-विजिट और सर्वे शुरू करने जा रही हैं।
इस सर्वेक्षण अभियान में संबंधित वार्डों के नियमित सफाई कर्मचारियों को भी शामिल किया जाएगा, क्योंकि उन्हें अपने क्षेत्र के घरों और वहां रहने वाले लोगों की सटीक जानकारी होती है। निगम के संज्ञान में आया है कि शहर के कई भवनों में 15 से 18 तक किरायेदार रह रहे हैं। कई मकान मालिक किरायेदारों से तो गारबेज शुल्क वसूल रहे हैं लेकिन निगम की गारबेज आईडी में उनका पंजीकरण न कराकर इस राशि को निगम तक नहीं पहुंचा रहे हैं। इस प्रकार की धांधली और शुल्क चोरी को रोकने के लिए ही निगम ने अब जमीनी स्तर पर जाकर जांच करने की रणनीति बनाई है।
वर्तमान में निगम की ओर से करीब 13,200 गारबेज बिल उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन पर ऑनलाइन भेजे जा रहे हैं। भविष्य में हर घर के बाहर गारबेज और गृहकर की एक एकीकृत प्लेट लगाई जाएगी। इस पर एक क्यूआर स्कैनर अंकित होगा, क्यूआर कोड को स्कैन करते ही भुगतान और पंजीकरण से जुड़ी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाएगी।
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नगर निगम मंडी ने हाल ही में गारबेज शुल्क में संशोधन किया है, जिसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं का मासिक शुल्क 50 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये किया गया है। इसके अलावा व्यवस्था को डिजिटल बनाते हुए ऑफलाइन वसूली के बजाय ऑनलाइन बिलिंग शुरू कर दी गई है।
मंडी शहर के सभी निवासियों और मकान मालिकों से अपील की है कि जिन लोगों ने अभी तक अपने किरायेदारों को गारबेज आईडी में एनरोल नहीं करवाया है, वे समय रहते इस प्रक्रिया को पूरा कर लें जिससे बाद में उन्हें किसी भी प्रकार की कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
डॉ. मदन कुमार, आयुक्त नगर निगम मंडी
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इस सर्वेक्षण अभियान में संबंधित वार्डों के नियमित सफाई कर्मचारियों को भी शामिल किया जाएगा, क्योंकि उन्हें अपने क्षेत्र के घरों और वहां रहने वाले लोगों की सटीक जानकारी होती है। निगम के संज्ञान में आया है कि शहर के कई भवनों में 15 से 18 तक किरायेदार रह रहे हैं। कई मकान मालिक किरायेदारों से तो गारबेज शुल्क वसूल रहे हैं लेकिन निगम की गारबेज आईडी में उनका पंजीकरण न कराकर इस राशि को निगम तक नहीं पहुंचा रहे हैं। इस प्रकार की धांधली और शुल्क चोरी को रोकने के लिए ही निगम ने अब जमीनी स्तर पर जाकर जांच करने की रणनीति बनाई है।
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वर्तमान में निगम की ओर से करीब 13,200 गारबेज बिल उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन पर ऑनलाइन भेजे जा रहे हैं। भविष्य में हर घर के बाहर गारबेज और गृहकर की एक एकीकृत प्लेट लगाई जाएगी। इस पर एक क्यूआर स्कैनर अंकित होगा, क्यूआर कोड को स्कैन करते ही भुगतान और पंजीकरण से जुड़ी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाएगी।
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नगर निगम मंडी ने हाल ही में गारबेज शुल्क में संशोधन किया है, जिसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं का मासिक शुल्क 50 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये किया गया है। इसके अलावा व्यवस्था को डिजिटल बनाते हुए ऑफलाइन वसूली के बजाय ऑनलाइन बिलिंग शुरू कर दी गई है।
मंडी शहर के सभी निवासियों और मकान मालिकों से अपील की है कि जिन लोगों ने अभी तक अपने किरायेदारों को गारबेज आईडी में एनरोल नहीं करवाया है, वे समय रहते इस प्रक्रिया को पूरा कर लें जिससे बाद में उन्हें किसी भी प्रकार की कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
डॉ. मदन कुमार, आयुक्त नगर निगम मंडी