{"_id":"57409e6c4f1c1b0014ac78c8","slug":"labourer-learn-the-lession-of-law","type":"story","status":"publish","title_hn":"मजदूरों को दी अधिकारों की जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मजदूरों को दी अधिकारों की जानकारी
मंडी
Updated Sat, 21 May 2016 11:14 PM IST
विज्ञापन
मजदूर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी। आईआईटी मंडी के कमांद स्थित निर्माणाधीन नार्थ कैंपस में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। जिला विधिक प्राधिकरण के निर्देशों के तहत मोबाइल लीगल सर्विस वैन ने आईआईटी कमांद में पहुंच कर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया। अधिवक्ता समीर कश्यप ने कहा कि दुनिया भर में हो रहा विकास मजदूरों की भागेदारी के बगैर असंभव है।
विज्ञापन
विकास के लिए धन और तकनीक ही काफी नहीं है। मजदूरों के बगैर विकास की ओर एक कदम भी नहीं बढ़ाया जा सकता। श्रमिकों को 14 साल की आयु तक के बच्चों से बाल मजदूरी न करवाने तथा उन्हें शिक्षा के अधिकार के तहत मुफ्त शिक्षा दिलाने की भी अपील की। इस अवसर पर आईआईटी कमांद के मजदूरों ने ईपीएफ और कैंटीन से संबंधित मांगों को भी सामने रखा। मजदूरों का कहना था कि ईपीएफ न मिलने के कारण पहले ही नार्थ कैंपस में एक बड़ा हादसा हो चुका है। लेकिन इसके बावजूद मजदूरों की इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है। मजदूरों का यह भी कहना था कि नार्थ कैंपस में चल रही कैंटीन बंद कर दी गई है।
विज्ञापन
जिससे यहां काम कर रहे मजदूरों को भोजन व चायपान आदि के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों ने प्राधिकरण से मांग की है कि उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए शीघ्र आवश्यक कदम उठाए जाएं। इस अवसर पर जिला विधिक प्राधिकरण की ओर से तरूण बिष्ट, बलवीर ठाकुर तथा मोबाइल वैन के साथ आए राम रतन ठाकुर भी विशेष रूप से मौजूद थे।
विज्ञापन