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विस्थापितों की समस्याएं हल करे कोल बांध प्रबंधन : हीरापाल
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सुंदरनगर/डैहर (मंडी)। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश सह संयोजक ठाकुर हीरापाल सिंह ने कहा कि एनटीपीसी कोल बांध प्रबंधन की ओर से हरनोड़ा में तीन दिवसीय बैठक का आयोजन किया है। इसमें देशभर से डायरेक्टर और प्रोजेक्ट हेड शामिल हुए हैं। यह बैठक एनटीपीसी का आंतरिक मामला माना जा रहा है लेकिन बैठक ने विस्थापित क्षेत्रों में नई हलचल पैदा कर दी है।
हरनोड़ा सुधार समिति के संयोजक और राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश सह संयोजक ठाकुर हीरापाल सिंह ने कहा कि हरनोड़ा, जमथल, मंडी, सोलन और शिमला जिले की प्रभावित पंचायतों के लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि एनटीपीसी प्रबंधन विस्थापितों की मूलभूत समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा।
जिला स्तरीय अधिकारी केवल फंड पर नजर रखते हैं जो जिला और सब-डिविजन लेवल के कार्यालयों में खर्च हो जाता है। जो फंड वास्तव में 8 किलोमीटर के दायरे में आने वाली प्रभावित पंचायतों के लिए होना चाहिए, वह लोगों तक नहीं पहुंचता। विस्थापितों की समस्याओं के समाधान के लिए बनी समितियां अब ठेकेदारी और निजी स्वार्थों में उलझ गई हैं। आरसी कॉलोनियों की हालत बदतर है, वहां के लोग जब सरकार के पास जाते हैं तो उन्हें एनटीपीसी के पास भेज दिया जाता है और एनटीपीसी कहता है कि हमने सरकार को पैसा दे दिया है। अगर सरकार और एनटीपीसी ने विस्थापितों के हित में कार्रवाई नहीं की और उनकी समस्याओं का हल नहीं किया, तो राजीव गांधी पंचायती राज संगठन सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा। संवाद
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हरनोड़ा सुधार समिति के संयोजक और राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश सह संयोजक ठाकुर हीरापाल सिंह ने कहा कि हरनोड़ा, जमथल, मंडी, सोलन और शिमला जिले की प्रभावित पंचायतों के लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि एनटीपीसी प्रबंधन विस्थापितों की मूलभूत समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा।
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जिला स्तरीय अधिकारी केवल फंड पर नजर रखते हैं जो जिला और सब-डिविजन लेवल के कार्यालयों में खर्च हो जाता है। जो फंड वास्तव में 8 किलोमीटर के दायरे में आने वाली प्रभावित पंचायतों के लिए होना चाहिए, वह लोगों तक नहीं पहुंचता। विस्थापितों की समस्याओं के समाधान के लिए बनी समितियां अब ठेकेदारी और निजी स्वार्थों में उलझ गई हैं। आरसी कॉलोनियों की हालत बदतर है, वहां के लोग जब सरकार के पास जाते हैं तो उन्हें एनटीपीसी के पास भेज दिया जाता है और एनटीपीसी कहता है कि हमने सरकार को पैसा दे दिया है। अगर सरकार और एनटीपीसी ने विस्थापितों के हित में कार्रवाई नहीं की और उनकी समस्याओं का हल नहीं किया, तो राजीव गांधी पंचायती राज संगठन सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा। संवाद
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