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Mandi News: सड़क बहाली में जुटी जेसीबी ने खेतों में डाल दिया मलबा
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रैंस-भलारा सडक में जेसीबी मशीन द्वारा फेंकी गई मिट्टी। स्रोत जागरूक पाठक
लडभड़ोल (मंडी)। क्षेत्र की रैंस-भलारा सड़क की बहाली में जुटी एक जेसीबी मशीन की ओर से लोगों की निजी भूमि और खेतों को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार की मशीन ने सड़क का मलबा और बड़े पत्थर सीधे उनके खेतों में फेंक दिए। इससे करीब 20 खेत-खलिहान पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, रैंस-भलारा मार्ग बीती बरसात के दौरान भूस्खलन के कारण जगह-जगह से बंद हो गया था। विभाग ने इसे यातायात के लिए हल्का-फुल्का खोला था, लेकिन सड़क पर मिट्टी और पत्थरों के ढेर लगे होने के कारण बड़े वाहनों की आवाजाही ठप थी। मंगलवार को इस मार्ग को पूरी तरह खोलने के लिए एक निजी ठेकेदार की जेसीबी मशीन कार्य कर रही थी। आरोप है कि कार्य के दौरान ऑपरेटर ने सड़क की मिट्टी और पत्थरों को डंपिंग साइट पर फेंकने के बजाय सीधे नीचे लोगों के खेतों में धकेल दिया।
घटना के समय मौके पर पहुंचे ग्रामीण शशि कुमार, अजय कुमार, कमलेश ठाकुर, देविंदर ठाकुर, ठाकुर सिंह और विनोद ठाकुर ने इसका कड़ा विरोध किया और काम रुकवाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने खेतों में जाकर देखा तो वहां बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी के ढेर लगे थे। कई खेत तो पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं और खेतों को जाने वाला पैदल रास्ता भी मलबे से बंद हो गया है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी से कार्रवाई की मांग उठाई है। वहीं, इस संबंध में लोक निर्माण विभाग उपमंडल लडभड़ोल के सहायक अभियंता पवन गुलेरिया ने बताया कि मामला उनके ध्यान में लाया गया है। वह स्वयं मौके का जायजा लेंगे और आवश्यक कार्रवाई अमल पर लाएंगे। संवाद
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जानकारी के अनुसार, रैंस-भलारा मार्ग बीती बरसात के दौरान भूस्खलन के कारण जगह-जगह से बंद हो गया था। विभाग ने इसे यातायात के लिए हल्का-फुल्का खोला था, लेकिन सड़क पर मिट्टी और पत्थरों के ढेर लगे होने के कारण बड़े वाहनों की आवाजाही ठप थी। मंगलवार को इस मार्ग को पूरी तरह खोलने के लिए एक निजी ठेकेदार की जेसीबी मशीन कार्य कर रही थी। आरोप है कि कार्य के दौरान ऑपरेटर ने सड़क की मिट्टी और पत्थरों को डंपिंग साइट पर फेंकने के बजाय सीधे नीचे लोगों के खेतों में धकेल दिया।
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घटना के समय मौके पर पहुंचे ग्रामीण शशि कुमार, अजय कुमार, कमलेश ठाकुर, देविंदर ठाकुर, ठाकुर सिंह और विनोद ठाकुर ने इसका कड़ा विरोध किया और काम रुकवाने की कोशिश की। ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने खेतों में जाकर देखा तो वहां बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी के ढेर लगे थे। कई खेत तो पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं और खेतों को जाने वाला पैदल रास्ता भी मलबे से बंद हो गया है। उन्होंने पीडब्ल्यूडी से कार्रवाई की मांग उठाई है। वहीं, इस संबंध में लोक निर्माण विभाग उपमंडल लडभड़ोल के सहायक अभियंता पवन गुलेरिया ने बताया कि मामला उनके ध्यान में लाया गया है। वह स्वयं मौके का जायजा लेंगे और आवश्यक कार्रवाई अमल पर लाएंगे। संवाद
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