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Mandi News: गोहर में पीलिया बेकाबू, सात मरीज और आए
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गोहर (मंडी)। उपमंडल गोहर में पीलिया का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। इससे क्षेत्र में गांववासी खौफजदा हैं। करीब 20 दिनों से संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। अब स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। वीरवार को सात नए मरीजों में पीलिया की पुष्टि हुई है, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 154 हो गई है। इनमें से 47 मामले फिलहाल सक्रिय हैं।
लगातार बढ़ते मामलों ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। कई गांवों में एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्य संक्रमित पाए जाने से लोगों में भय का माहौल है। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर सर्वे कर रही हैं। संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है और लोगों को एहतियाती उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। पेयजल स्रोतों की विशेष जांच कराई जा रही है तथा संदिग्ध जलस्रोतों को सील करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
बीएमओ डॉ. राकेश रोशन ने बताया कि पीलिया का समय पर परीक्षण और उपचार होने पर मरीज तेजी से स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराने के बजाय लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि आंखों का पीला होना, कमजोरी, भूख न लगना या पेशाब का गहरा रंग पीलिया के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं, ऐसे में देरी न करें।
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उधर, जलशक्ति विभाग ने भी एहतियातन गोहर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पेयजल के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेजे हैं। अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार ने बताया कि वीरवार को कई स्थानों से पानी के नमूने लिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभागीय फील्ड स्टाफ को पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से उबला हुआ या स्वच्छ पानी पीने, भोजन से पहले हाथ धोने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। बढ़ते मामलों को देखते हुए क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है, ताकि संक्रमण पर शीघ्र काबू पाया जा सके।
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लगातार बढ़ते मामलों ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। कई गांवों में एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्य संक्रमित पाए जाने से लोगों में भय का माहौल है। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर सर्वे कर रही हैं। संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है और लोगों को एहतियाती उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। पेयजल स्रोतों की विशेष जांच कराई जा रही है तथा संदिग्ध जलस्रोतों को सील करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
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बीएमओ डॉ. राकेश रोशन ने बताया कि पीलिया का समय पर परीक्षण और उपचार होने पर मरीज तेजी से स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराने के बजाय लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि आंखों का पीला होना, कमजोरी, भूख न लगना या पेशाब का गहरा रंग पीलिया के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं, ऐसे में देरी न करें।
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उधर, जलशक्ति विभाग ने भी एहतियातन गोहर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पेयजल के सैंपल एकत्र कर जांच के लिए भेजे हैं। अधिशासी अभियंता कृष्ण कुमार ने बताया कि वीरवार को कई स्थानों से पानी के नमूने लिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभागीय फील्ड स्टाफ को पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से उबला हुआ या स्वच्छ पानी पीने, भोजन से पहले हाथ धोने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। बढ़ते मामलों को देखते हुए क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है, ताकि संक्रमण पर शीघ्र काबू पाया जा सके।
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