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7वें वेतनमान आयोग की सिफारिशों को लागू करे सरकार
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मंडी कालेज में यूजीसी 7वें पे कमीशन को लेकर प्राचार्य के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हि
- फोटो : Mandi
मंडी। विवि अनुदान आयोग के 7वें वेतनमान आयोग की सिफारिश लागू करने को हिमाचल गवर्नमेंट कॉलेज टीचर एसोसिएशन ने मंडी महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. पूनम शर्मा के माध्यम में सरकार को ज्ञापन भेजा।
एचजीसीटीए के राज्य उपाध्यक्ष डॉ. ओपी ठाकुर और इकाई अध्यक्ष प्रोफेसर जसवंत सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में सौंपे ज्ञापन में सरकार से 7वें वेतनमान आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हिमाचल और पंजाब को छोड़कर पूरे देश के महाविद्यालयों और विवि में यूजीसी के 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया है। उन्होंने कहा कि हाल में हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों को नए वेतनमान के अनुसार वेतन और भत्ते देने का निर्णय लिया है। लेकिन सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं किया।
महासचिव प्रोफेसर अर्चना शुक्ला ने कहा कि विवि और महाविद्यालयों के प्राध्यापकों की नियुक्ति और पदोन्नति विवि अनुदान आयोग के मापदंडों पर की जाती है। संयुक्त सचिव डॉ. बनिता सकलानी ने कहा कि 2014 के बाद महाविद्यालयों के प्राध्यापकों की एमफिल और पीएचडी की इंक्रीमेंट बंद कर दी है। विवि अनुदान आयोग के नियमों की अवहेलना है। हिमाचल गवर्नमेंट कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने एमफिल और पीएचडी की इंक्रीमेंट को बहाल करने की मांग की है।
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इस अवसर पर वरिष्ठ प्रो. डॉ. जसवंत सिंह ठाकुर, डॉ. दायक राम ठाकुर, प्रो प्रकाश शर्मा, प्रो. विवेक कपूर, डॉ. ओम प्रकाश ठाकुर, डॉ. चमन, प्रो. अर्चना शुक्ला, प्रो. ज्योति ठाकुर, विवि के प्रो. नवीन सैनी, डॉ. बनिता सकलानी समेत अन्य ने भाग लिया।
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एचजीसीटीए के राज्य उपाध्यक्ष डॉ. ओपी ठाकुर और इकाई अध्यक्ष प्रोफेसर जसवंत सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में सौंपे ज्ञापन में सरकार से 7वें वेतनमान आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हिमाचल और पंजाब को छोड़कर पूरे देश के महाविद्यालयों और विवि में यूजीसी के 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया है। उन्होंने कहा कि हाल में हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों को नए वेतनमान के अनुसार वेतन और भत्ते देने का निर्णय लिया है। लेकिन सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं किया।
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महासचिव प्रोफेसर अर्चना शुक्ला ने कहा कि विवि और महाविद्यालयों के प्राध्यापकों की नियुक्ति और पदोन्नति विवि अनुदान आयोग के मापदंडों पर की जाती है। संयुक्त सचिव डॉ. बनिता सकलानी ने कहा कि 2014 के बाद महाविद्यालयों के प्राध्यापकों की एमफिल और पीएचडी की इंक्रीमेंट बंद कर दी है। विवि अनुदान आयोग के नियमों की अवहेलना है। हिमाचल गवर्नमेंट कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने एमफिल और पीएचडी की इंक्रीमेंट को बहाल करने की मांग की है।
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इस अवसर पर वरिष्ठ प्रो. डॉ. जसवंत सिंह ठाकुर, डॉ. दायक राम ठाकुर, प्रो प्रकाश शर्मा, प्रो. विवेक कपूर, डॉ. ओम प्रकाश ठाकुर, डॉ. चमन, प्रो. अर्चना शुक्ला, प्रो. ज्योति ठाकुर, विवि के प्रो. नवीन सैनी, डॉ. बनिता सकलानी समेत अन्य ने भाग लिया।