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Mandi News: जबरदस्ती मकान खाली करवाए तो एसडीएम कार्यालय में जमाएंगे डेरा

Mon, 10 Feb 2025 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Feb 2025 11:55 PM IST
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If you force your house to be vacated, you will camp in the SDM office.
पधर (मंडी)। पधर से बिजनी तक के फोरलेन निर्माण के प्रभावितों ने कहा कि अगर घरों और गोशालाओं को जबरदस्ती खाली करवाया गया तो सभी एसडीएम कार्यालय में डेरा जमाएंगे।
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फोरलेन समन्वय समिति के प्रधान चिंत राम ने कहा कि ऐसा काैन सा इंजीनियर है जो 60 दिन के भीतर मकान बनाकर दे दे। इसको लेकर समिति ने एसडीएम पधर के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है।
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चिंतराम ने कहा कि मात्र 60 दिन का नोटिस थमा कर घर, गोशाला खाली करने के निर्देश सक्षम भूअधिग्रहण अधिकारी ने जारी किए।

साथ ही जब 60 दिन में कोई व्यवस्था नहीं हो पाई तो दूसरा नोटिस 10 फरवरी तक खाली करने का दिया गया। अब पुलिस की ओर से जोर जबरदस्ती घर और गोशाला को खाली कर तोड़ दिया जाएगा। कहा कि हर अधिकारी के पास मामला लेकर गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई है।
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चिंत राम ने कहा कि अब प्रभावित अपने परिवार और मवेशियों को लेकर कहां जाएंगे। कहा कि जब तक रहने और मवेशियों को रखने की व्यवस्था नहीं नहीं होती तब तक घर खाली न करवाए जाएं। अगर ऐसा किया जाता है तो प्रभावित एसडीएम कार्यालय परिसर में डेरा जमाएंगे।

फोरलेन प्रभावितों ने एसडीएम से आग्रह किया है कि लोगों के रहने और पशुओं को चारे की व्यवस्था की जाए। कहा कि इस परियोजना को लाने से पहले कोई सर्वे या सामाजिक प्रभाव का आकलन नहीं किया गया। इसके अलावा भी कई तरह की खामियां हैं। मनमाने तरीके से कार्य किया जा रहा है। इसमें प्रभावितों के हितों का ध्यान तक नहीं रखा जा रहा है।


चिंतराम ने कहा कि आज भी कई प्रभावित लोग ऐसे हैं जिन्हें मुआवजा भी नहीं मिला है। जमीन पर निर्माण भी हो चुका है। जमीन बिना मुआवजा के प्राधिकरण के नाम कर दी गई है। कहा कि प्रभावितों का मकसद कार्य को रोकना नहीं है, लेकिन उचित व्यवस्था और उचित मुआवजा के साथ लोगों के हितों को ध्यान में रख कर निर्माण कार्य करवाना है।

नियमानुसार नोटिस दिया गया है। एक्ट के अनुसार ही मुआवजा दिया गया है। प्रभावितों की समस्याओं का चरणबद्ध तरीके से निराकरण किया जा रहा है।

-सुरजीत, एसडीएम पधर।
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