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Mandi News: नाचन के गड़ाहरी में एचपीएमसी का पहला सीए स्टोर शुरू, सेब बागवानों को बड़ी राहत
Thu, 30 Oct 2025 05:06 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Thu, 30 Oct 2025 05:06 AM IST
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गोहर (मंडी)। नाचन क्षेत्र के गड़ाहरी में 18 करोड़ रुपये की लागत से एचपीएमसी का मंडी जिला में पहला कंट्रोल एटमॉस्फेयर (सीए) स्टोर शुरू हो गया है। इस अत्याधुनिक सुविधा के शुरू होने से अब जिले के सेब बागवानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस सीए स्टोर की भंडारण क्षमता 500 मीट्रिक टन है जबकि पहली बार 370 मीट्रिक टन सेब इसमें स्टोर कर दिया गया हैं। सेब को नियंत्रित तापमान और आर्द्रता में सुरक्षित रखने की यह तकनीक उसकी गुणवत्ता को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करेगी।
एचपीएमसी ने इस स्टोर को लीज पर निजी प्रबंधन को सौंप दिया है। इस परियोजना की नींव पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार के कार्यकाल में रखी थी। अब यह योजना धरातल पर उतरने से क्षेत्र में बागवानी कारोबार को नई दिशा मिलेगी।
स्थानीय बागवानों लाभ चंद, बिंदर ठाकुर, भीम सिंह, तेज सिंह, नंद लाल, चंद्रमणि, हेम सिंह, हेम राज व ऋषभ ने इस सुविधा के शुरू होने पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इससे सेब की गुणवत्ता और बाजार मूल्य दोनों में सुधार होगा। उधर, ब्रांच मैनेजर सन्नी कुमार ने बताया कि गड़ाहरी सीए स्टोर में 370 मीट्रिक टन सेब भंडारण किया जा चुका है। यहां सेब की ग्रेडिंग, पैकिंग और भंडारण की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
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यह होता है सीए स्टोर
यह सेब और अन्य फलों को लंबे समय तक ताजा और गुणवत्तापूर्ण बनाए रखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज तकनीक है। सामान्य कोल्ड स्टोर में सिर्फ तापमान ठंडा रखा जाता है लेकिन सीए स्टोर में चार चीजों को नियंत्रित किया जाता है। तापमान लगभग शून्य डिग्री के आसपास रखा जाता है ताकि फल पकें नहीं। हवा में ऑक्सीजन की मात्रा घटाई जाती है। कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ाई जाती है ताकि फल सड़ने या गलने से बचें। नमी नियंत्रित रखी जाती है ताकि फल की सतह सूखे नहीं।
यह होगा फायदा
सेब 6 से 8 महीने तक ताजा रह सकता है। रंग, स्वाद और चमक लंबे समय तक बने रहते हैं। बागवान अपने सेब को बेहतर दाम पर सही समय पर बेच सकते हैं। बाजार में सेब की मांग और आपूर्ति संतुलित रहती है जिससे दाम स्थिर रहते हैं। मंडी के बागवान अब अपने सेबों को इस आधुनिक भंडार में रखकर ऑफ-सीजन में ऊंचे दामों पर बेच सकेंगे।
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एचपीएमसी ने इस स्टोर को लीज पर निजी प्रबंधन को सौंप दिया है। इस परियोजना की नींव पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार के कार्यकाल में रखी थी। अब यह योजना धरातल पर उतरने से क्षेत्र में बागवानी कारोबार को नई दिशा मिलेगी।
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स्थानीय बागवानों लाभ चंद, बिंदर ठाकुर, भीम सिंह, तेज सिंह, नंद लाल, चंद्रमणि, हेम सिंह, हेम राज व ऋषभ ने इस सुविधा के शुरू होने पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि इससे सेब की गुणवत्ता और बाजार मूल्य दोनों में सुधार होगा। उधर, ब्रांच मैनेजर सन्नी कुमार ने बताया कि गड़ाहरी सीए स्टोर में 370 मीट्रिक टन सेब भंडारण किया जा चुका है। यहां सेब की ग्रेडिंग, पैकिंग और भंडारण की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
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यह होता है सीए स्टोर
यह सेब और अन्य फलों को लंबे समय तक ताजा और गुणवत्तापूर्ण बनाए रखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज तकनीक है। सामान्य कोल्ड स्टोर में सिर्फ तापमान ठंडा रखा जाता है लेकिन सीए स्टोर में चार चीजों को नियंत्रित किया जाता है। तापमान लगभग शून्य डिग्री के आसपास रखा जाता है ताकि फल पकें नहीं। हवा में ऑक्सीजन की मात्रा घटाई जाती है। कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ाई जाती है ताकि फल सड़ने या गलने से बचें। नमी नियंत्रित रखी जाती है ताकि फल की सतह सूखे नहीं।
यह होगा फायदा
सेब 6 से 8 महीने तक ताजा रह सकता है। रंग, स्वाद और चमक लंबे समय तक बने रहते हैं। बागवान अपने सेब को बेहतर दाम पर सही समय पर बेच सकते हैं। बाजार में सेब की मांग और आपूर्ति संतुलित रहती है जिससे दाम स्थिर रहते हैं। मंडी के बागवान अब अपने सेबों को इस आधुनिक भंडार में रखकर ऑफ-सीजन में ऊंचे दामों पर बेच सकेंगे।