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Mandi News: सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे घोड़े, हादसे का डर, प्रशासन अनजान
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जोगिंद्रनगर शहर की सड़कों पर बेखौफ घूमते लावारिस घोड़ों का झुंड। संवाद
जोगिंद्रनगर शहर में स्कूली बच्चों को टक्कर मार चुके घोड़ों से राहगीर भी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर-मंडी नेशनल हाईवे पर लावारिस घोड़ों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाईवे पर दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक घोड़ों के झुंड बेखौफ दौड़ते नजर आ रहे हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक घोड़ों के सामने आ जाने से बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को टक्कर मार चुके इन घोड़ों से राहगीर भी परेशान हैं।
स्थानीय कारोबारियों के लिए भी लावारिस घोड़े मुसीबत बन गए हैं। घोड़े अब दुकानों के अंदर तक घुसकर सामान को तहस-नहस कर नुकसान पहुंचा रहे हैं। सरकारी कार्यालयों और अस्पताल परिसर के आसपास भी लावारिस घोड़ों की दहशत से लोग सहमे हुए हैं। बीते दिनों सड़क पर एक कार चालक को घोड़े को बचाने के प्रयास में अपनी कार सड़क किनारे गड्ढे में उतारनी पड़ी। गनीमत रही कि हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
स्थानीय निवासी कमल, सचिन, मुनीष और राजकुमार ने बताया कि शहर की सड़कों पर घोड़ों के मालिक उन्हें खुला छोड़ देते हैं, जो अब शहरवासियों के लिए खतरा बने हुए हैं। वाहन चालक वीरेंद्र, कमलजीत और अजय ने सड़क पर घोड़ों की लगातार बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए स्थानीय प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम मनीष चौधरी ने नगर परिषद, पुलिस और आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इन घोड़ों के मालिकों के बारे में जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन भी घोड़ों के मालिकों का पता लगा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर-मंडी नेशनल हाईवे पर लावारिस घोड़ों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाईवे पर दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक घोड़ों के झुंड बेखौफ दौड़ते नजर आ रहे हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक घोड़ों के सामने आ जाने से बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को टक्कर मार चुके इन घोड़ों से राहगीर भी परेशान हैं।
स्थानीय कारोबारियों के लिए भी लावारिस घोड़े मुसीबत बन गए हैं। घोड़े अब दुकानों के अंदर तक घुसकर सामान को तहस-नहस कर नुकसान पहुंचा रहे हैं। सरकारी कार्यालयों और अस्पताल परिसर के आसपास भी लावारिस घोड़ों की दहशत से लोग सहमे हुए हैं। बीते दिनों सड़क पर एक कार चालक को घोड़े को बचाने के प्रयास में अपनी कार सड़क किनारे गड्ढे में उतारनी पड़ी। गनीमत रही कि हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
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स्थानीय निवासी कमल, सचिन, मुनीष और राजकुमार ने बताया कि शहर की सड़कों पर घोड़ों के मालिक उन्हें खुला छोड़ देते हैं, जो अब शहरवासियों के लिए खतरा बने हुए हैं। वाहन चालक वीरेंद्र, कमलजीत और अजय ने सड़क पर घोड़ों की लगातार बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए स्थानीय प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम मनीष चौधरी ने नगर परिषद, पुलिस और आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इन घोड़ों के मालिकों के बारे में जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन भी घोड़ों के मालिकों का पता लगा रहा है।
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