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स्वास्थ्य मंत्री के जिले में एक बेड पर पांच मरीज
मंडी।
Updated Tue, 05 Jul 2016 10:30 PM IST
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क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के गायनी वार्ड में एक बैड पर दाखिल चार मरीज
- फोटो : अमर उजाला
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मंडी। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के गृह जिले के क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में मरीजों को वार्डों में बेड नसीब नहीं हो पा रहे हैं। यहां राहत की बजाए मरीजों का मर्ज बढ़ रहा है। मच्छरों की मार मरीजों और तीमारदारों के चेहरों पर साफ दिख रही है। आलम यह है कि अस्पताल के बाहर दवाई की दुकानों में किराये के बेडों का व्यापार चल रहा है। 70 से 100 रुपये प्रतिदिन किराये पर बेड दिए जा रहे हैं। अस्पताल में व्यवस्था इस कद्र खराब है कि एक बेड पर अस्पताल प्रशासन ने चार से पांच मरीज दाखिल किए हैं। हर वार्ड के बाहर मरीज किराये के बेड लेकर रह रहे हैं।
लाइव :
समय :12:20। स्थान गायनी वार्ड। हर बेड पर चार से पांच मरीज दाखिल हैं। वार्ड में कुल 43 बेड हैं। मंगलवार दोपहर तक वार्ड में 60 से अधिक मरीज दाखिल थे। सुबह दो दर्जन के लगभग मरीजों को छुट्टी दी जा चुकी है। इस वार्ड में इन 43 बेडों में से 12 बेड पोस्ट ऑपरेटिव मरीजों के लिए है। ऐसे में महज 31 बेड आम मरीजों के लिए मुहैया हो पाते हैं। जिससे वार्ड में एक बेड पर दो मरीज होना आम बात है। कई बार इस वार्ड में दाखिल मरीजों का आंकड़ा 100 से पार पहुंच जाता है। समय:12:35। स्थान महिला मेडिकल वार्ड। आठ किराये के बेड वार्ड के बाहर गैलरी में लगे हैं। बेहाल मरीजों के चेहरे उतरे हुए हैं।
केस नंबर-1
बेड नंबर 30। इस बेड पर पांच मरीज दाखिल हैं। कोई दो दिन पहले दाखिल हुआ है तो कोई तीन दिन पहले। बेड पर चेलचौक की मीना कुमारी, गागल की प्रभी देवी, पंडोह की सुरेंद्रा और बाड़ी गुमाणू की पूजा दाखिल हैं।
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केस नंबर-2
बेड नंबर 24। इस बेड पर भी पांच मरीज दाखिल हैं। मलोरी की माया देवी, चेलचौक की बती देवी, कटौला की कमला देवी, पधर की विमला देवी, गगल की भादरी देवी इस बेड पर दाखिल हैं।
किराये के बेड लेना बनी मजबूरी
केस नंबर-3
कून की हिमा देवी रविवार को अस्पताल में दाखिल हुई हैं। पहले इमरजेंसी में जगह मिली। बाद में महिला मेडिकल में भेज दिया गया। लेकिन, दो दिन से बेड नसीब नहीं हुआ है। दो दिन में किराये के बेड का 180 किराया चुका चुकी हैं।
केस नंबर-4
गाड़ागुसैणी की तारादेवी, बालीचौकी की सावित्री देवी, नसलोह की रमा देवी, सांबल की विमला देवी दो से तीन दिनों से अस्पताल में दाखिल हैं। लेकिन, बेड अभी तक नसीब नहीं हुआ है। किराये के बेड के 300 से 400 रुपये चुका चु्के हैं।
कोट...
मामला ध्यान में आया है। समस्या के समाधान के लिए प्रयास जारी हैं। किराये के बेडों से जुड़ी शिकायत भी सामने आई है। मामले की छानबीन कर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
..डा. ताराचंद महंत मेडिकल अधीक्षक
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लाइव :
समय :12:20। स्थान गायनी वार्ड। हर बेड पर चार से पांच मरीज दाखिल हैं। वार्ड में कुल 43 बेड हैं। मंगलवार दोपहर तक वार्ड में 60 से अधिक मरीज दाखिल थे। सुबह दो दर्जन के लगभग मरीजों को छुट्टी दी जा चुकी है। इस वार्ड में इन 43 बेडों में से 12 बेड पोस्ट ऑपरेटिव मरीजों के लिए है। ऐसे में महज 31 बेड आम मरीजों के लिए मुहैया हो पाते हैं। जिससे वार्ड में एक बेड पर दो मरीज होना आम बात है। कई बार इस वार्ड में दाखिल मरीजों का आंकड़ा 100 से पार पहुंच जाता है। समय:12:35। स्थान महिला मेडिकल वार्ड। आठ किराये के बेड वार्ड के बाहर गैलरी में लगे हैं। बेहाल मरीजों के चेहरे उतरे हुए हैं।
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केस नंबर-1
बेड नंबर 30। इस बेड पर पांच मरीज दाखिल हैं। कोई दो दिन पहले दाखिल हुआ है तो कोई तीन दिन पहले। बेड पर चेलचौक की मीना कुमारी, गागल की प्रभी देवी, पंडोह की सुरेंद्रा और बाड़ी गुमाणू की पूजा दाखिल हैं।
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केस नंबर-2
बेड नंबर 24। इस बेड पर भी पांच मरीज दाखिल हैं। मलोरी की माया देवी, चेलचौक की बती देवी, कटौला की कमला देवी, पधर की विमला देवी, गगल की भादरी देवी इस बेड पर दाखिल हैं।
किराये के बेड लेना बनी मजबूरी
केस नंबर-3
कून की हिमा देवी रविवार को अस्पताल में दाखिल हुई हैं। पहले इमरजेंसी में जगह मिली। बाद में महिला मेडिकल में भेज दिया गया। लेकिन, दो दिन से बेड नसीब नहीं हुआ है। दो दिन में किराये के बेड का 180 किराया चुका चुकी हैं।
केस नंबर-4
गाड़ागुसैणी की तारादेवी, बालीचौकी की सावित्री देवी, नसलोह की रमा देवी, सांबल की विमला देवी दो से तीन दिनों से अस्पताल में दाखिल हैं। लेकिन, बेड अभी तक नसीब नहीं हुआ है। किराये के बेड के 300 से 400 रुपये चुका चु्के हैं।
कोट...
मामला ध्यान में आया है। समस्या के समाधान के लिए प्रयास जारी हैं। किराये के बेडों से जुड़ी शिकायत भी सामने आई है। मामले की छानबीन कर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
..डा. ताराचंद महंत मेडिकल अधीक्षक