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चच्योट पंचायत में डायरिया के 26 नए मामले, एक नेरचौक कॉलेज रेफर
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चच्योट पंचायत में डायरिया की चपेट में आए मरीजों को उपचार देती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
- फोटो : Mandi
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चैलचौक (मंडी)। सीएम के गृहक्षेत्र सराज में अब स्वास्थ्य विभाग भी जाग गया है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अमर उजाला में खबर छपने के बाद डायरिया प्रभावित इलाकों का दौरा किया। घर घर जाकर मरीजों का उपचार किया। इस दौरान डायरिया के 26 नए मरीज चिह्नित हुए हैं। इनमें से एक रोगी को नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर किया है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग डायरिया के प्रकोप पर अनभिज्ञता जाहिर कर रहा था।
सोमवार को आईपीएच विभाग भी हरकत में दिखा और पेयजल स्रोतों के सैंपल भरे। माना जा रहा है कि डायरिया की वजह गंदे पानी की सप्लाई है। स्वास्थ्य विभाग ने पंचायत चच्योट के गांव छवाड़, शाह, कुफरी, डगवाहण, भगवानपुर, रतेहड़ी, सटकण, चौगान, नांवगराव में घर पहुंचकर मरीजों की जांच की। उधर, आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता आरके शर्मा ने बताया कि बरसाती नालों का पानी पेयजल स्रोतों में मिल गया है। इससे यह समस्या आई है। उन्होंने कहा कि पेयजल स्रोतों की सफाई कर दी गई।
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डायरिया के बचाव
बरसात में पानी उबाल कर पीएं, ताजा भोजन खाएं, पानी के स्रोतों को दूषित होने से बचाएं, शौचालयों का इस्तेमाल करें, हाथ धोने की आदत अपनाएं, दस्त होने पर ओआरएस का घोल का प्रयोग करें। जांच दल में डा. कुलदीप, राकेश यादव, यशवंती शर्मा, कृष्ण चंद, प्रदीप कुमार, मान सिंह, डोला राम तथा स्थानीय आशा वर्करों ने सभी घरों में पानी शुद्धीकरण के लिए क्लोरीन की गोलियां भी बांटी।
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दवाओं का किया वितरण : केआर शर्मा
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है। अब तक पचास के करीब डायरिया के रोगी सामने आए हैं। नए 26 मामले हैं। इसमें एक को मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर किया गया है। दवाओं का वितरण किया गया है। गंदे पानी की वजह से बीमारी पनपी है।
-डॉ. केआर शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी
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सोमवार को आईपीएच विभाग भी हरकत में दिखा और पेयजल स्रोतों के सैंपल भरे। माना जा रहा है कि डायरिया की वजह गंदे पानी की सप्लाई है। स्वास्थ्य विभाग ने पंचायत चच्योट के गांव छवाड़, शाह, कुफरी, डगवाहण, भगवानपुर, रतेहड़ी, सटकण, चौगान, नांवगराव में घर पहुंचकर मरीजों की जांच की। उधर, आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता आरके शर्मा ने बताया कि बरसाती नालों का पानी पेयजल स्रोतों में मिल गया है। इससे यह समस्या आई है। उन्होंने कहा कि पेयजल स्रोतों की सफाई कर दी गई।
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डायरिया के बचाव
बरसात में पानी उबाल कर पीएं, ताजा भोजन खाएं, पानी के स्रोतों को दूषित होने से बचाएं, शौचालयों का इस्तेमाल करें, हाथ धोने की आदत अपनाएं, दस्त होने पर ओआरएस का घोल का प्रयोग करें। जांच दल में डा. कुलदीप, राकेश यादव, यशवंती शर्मा, कृष्ण चंद, प्रदीप कुमार, मान सिंह, डोला राम तथा स्थानीय आशा वर्करों ने सभी घरों में पानी शुद्धीकरण के लिए क्लोरीन की गोलियां भी बांटी।
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दवाओं का किया वितरण : केआर शर्मा
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है। अब तक पचास के करीब डायरिया के रोगी सामने आए हैं। नए 26 मामले हैं। इसमें एक को मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर किया गया है। दवाओं का वितरण किया गया है। गंदे पानी की वजह से बीमारी पनपी है।
-डॉ. केआर शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी