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गायनी ओपीडी में डॉक्टर न होने पर भड़के मरीज-तीमारदार
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Sat, 23 Jan 2016 07:19 PM IST
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जिला के सबसे बड़े जोनल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने पर दूरदराज क्षेत्रों से जांच के लिए पहुंचे मरीज व तीमारदार भड़क गए। शनिवार सुबह गायनी ओपीडी में डॉक्टर न होने से मरीज-तीमारदार भड़क गए और मामले को लेकर वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक व मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से भी मिले। मामला संज्ञान में आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने सामान्य ओपीडी से डॉक्टर की ड्यूटी लगाई।
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जबकि अस्पताल में तैनात दोनों डॉक्टर अन्य दूसरी डयूटी पर थे। शनिवार सुबह जोनल अस्पताल में गायनी ओपीडी डे के चलते जिले के दूरदराज क्षेत्रों से पहुंचे मरीज डॉक्टर का इंतजार ही करते रहे। वहीं दोनों डॉक्टर अन्य ड्यूटी पर तैनात थे। गायनी ओपीडी में तैनात कर्मचारी ने मरीजों से पर्चियां लेता रहा, लेकिन बाद में डॉक्टर न होने पर पर्चियां वापस कर दी गईं। जिस मौके पर मौजूद 50 से अधिक महिलाएं व तीमारदार भड़क उठे।
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भड़के तीमारदार व मरीज गायनी ओपीडी के बाहर एकत्रित हुए और डॉक्टर न होने पर रोष व्यक्त किया। भड़के हुए मरीज-तीमारदार अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ विनोद शर्मा व सीएमओ मंडी डॉ देशराज शर्मा से मिले और समस्या के बारे में अवगत करवाया। मामला संज्ञान में आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में सामान्य ओपीडी से डॉक्टर की ड्यूटी गायनी ओपीडी में लगा दी। हालांकि अस्पताल की वैकल्पिक व्यवस्था से असंतुष्ट कई मरीज व तीमारदार जांच के लिए निजी अस्पताल में चले गए।
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अस्पताल में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ कपिल मल्होत्रा की ड्यूटी परिवार नियोजन कैंप में लगाई गई है। अन्य डॉक्टर विभागीय कार्य से शिमला गए हुए हैं। इधर, गोहर से सतीश व रंधाड़ा से नागेंद्र गर्भवती पत्नी के जांच के लिए जोनल अस्पताल मंडी पहुंचे, लेकिन डॉक्टर न होने पर बेरंग वापस लौट गए। वहीं, नगवाईं क्षेत्र के ज्वालापुर गांव के डोला राम ने बताया कि वह चार बार गांव से जांच के लिए अस्पताल आ चुके हैं, लेकिन एक बार भी जांच नहीं हो पाई है।