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रिहायशी मकान में चल रहा स्कूल, बच्चों से वसूला जा रहा किराया
मंडी
Updated Tue, 14 Mar 2017 10:29 PM IST
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सराज क्षेत्र के केउली में निजी मकान में चल रहा राजकीय माध्यमिक पाठशाला।
- फोटो : अमर उजाला
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थुनाग (मंडी)। जिले की दुर्गम लंबाथाच पंचायत में राजकीय माध्यमिक पाठशाला केउली पांच वर्षों से रिहायशी मकान में किराये पर एक शिक्षक के सहारे चल रही है। यह किराया भी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से वसूला जा रहा है। ग्राम पंचायत लंबाथाच के तहत पड़ने वाले इस स्कूल में शौचालय तक की सुविधा नहीं है। यह स्कूल प्राथमिक पाठशाला केओली से कुछ ही मीटर दूरी पर है।
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शीतकालीन स्कूल राजकीय माध्यमिक पाठशाला केउली में गत वर्ष 11 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। गत वर्ष आठवीं कक्षा से महज दो ही बच्चे यहां से पास आउट हुए हैं। पिछले साल दो बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया है। जिससे इस वर्ष महज सात ही बच्चे स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल के अधीन तीन प्राथमिक पाठशालाएं केओली, लेह नकटेरा और बग्लियारा हैं। इन स्कूलों से गत वर्ष पांचवीं कक्षा में 15 बच्चे पास हुए। लेकिन, महज एक बच्चे ने माध्यमिक पाठशाला केओली में प्रवेश लिया। पांचवीं पास करने वाले इन छात्रों के अभिभावक बच्चों को दो सौ मीटर दूर माध्यमिक पाठशाला केओली में भेजने की बजाए पांच से आठ किमी दूर निजी स्कूल में भेजने को विवश हैं। असुविधाओं के अभाव में अब यहां पर अभिभावकों ने अपने बच्चों को भेजना बंद कर दिया है।
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एसएमसी प्रधान दुर्गा सिंह ने बताया कि इस पाठशाला के लिए शौचालय निर्माण के लिए महज पचास हजार रुपये मिल सके। जिससे शौचालय निर्माण में भी दिक्कतें आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने स्कूल भवन के निर्माण के लिए वर्ष 2013 में जमीन विभाग के नाम कर दीरहा है। बावजूद इसके सरकार यहां पर स्कूल भवन का निर्माण नहीं कर पाई है। पहले वह मकान के मालिक को किराया अदा करते थे। लेकिन, गत दो वर्षों से बच्चों से किराया लिया जा है। मकान मालिक को हर माह एक हजार रुपये किराया अदा किया जाता है। गत वर्ष हर बच्चे से 90 रुपये लिए जाते थे। इस वर्ष स्कूल में महज सात ही बच्चे है।
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इस बार हर माह एक बच्चे से कितने पैसे लिए जाएंगे, यह बैठक में निर्णय लिया जाएगा। अभिभावकों में पीताम्बर ठाकुर, दुर्गा सिंह, चमन सिंह, भाग सिंह, दिले राम, चतर सिंह का कहना है कि गांव में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या बहुत है। सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें बच्चे मीलों दूर निजी स्कूल में भेजने पड़ रहे हैं। स्कूल रिहायशी मकान की निचली मंजिल में चल रहा है। ऊपरी मंजिल में परिवार के सदस्य रहते हैं।
कोट्.........
जांच के दिए गए आदेश : उपनिदेशक
मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। बच्चों से भवन का किराया नहीं वसूला जा सकता है। यदि स्कूल अपग्रेड हुआ है तो कक्षाएं इसी केओली स्कूल में चलनी चाहिए थीं। स्कूल के मुख्य अध्यापक से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
...केडी शर्मा प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मंडी