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स्वरोजगार के लिए महिलाएं ले सकती हैं सस्ती दरों पर ऋण
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Wed, 25 Nov 2015 06:54 PM IST
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प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं के उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने तथा स्वरोजगार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रदेश महिला विकास निगम के माध्यम से महिला उद्यमियों, महिला सहकारी समितियों और महिला संगठनों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए सस्ते ब्याज दरों पर एक लाख तक का ऋण बैंकों से उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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महिला विकास निगम के माध्यम से 30 हजार रुपये तक का ऋण 4 प्रतिशत, 30 से 50 हजार रुपये तक का ऋण 5 प्रतिशत तथा 50 हजार से एक लाख रुपये तक का ऋण 6 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाया जाता है। निगम ने गत तीन वर्षों के दौरान अभी तक 229 महिलाओं को अपना व्यवसाय चलाने के लिए 2 करोड़ एक लाख 10 हजार रुपये के ऋण उपलब्ध करवाया है।
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महिला विकास निगम से ऋण प्राप्त करने के लिए महिला उद्यमी और महिला संगठन की प्रत्येक सदस्य की आयु 18 साल से कम नहीं होनी चाहिए। महिला सामान्य तौर पर हिमाचल में रह रही हो या स्थायी तौर पर हिमाचल में बस गई हो। लाभार्थी उद्यमी या संगठन किसी वित्तीय संस्था के प्रति ऋण दोषी न हो तथा लाभार्थी महिला की वार्षिक पारिवारिक आय सभी स्रोतों से 50 हजार से अधिक न हो।
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निगम द्वारा महिलाओं में शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए ब्याज मुक्त ऋण योजना भी क्रियान्वित की जा रही है। योजना के तहत चयनित पाठ्यक्रम एमबीबीएस, एमबीए, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, बीएड, जेबीटी करने के लिए महिला को अधिकतम 75 हजार रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण योजना के तहत ऋण उपलब्ध करवाया जाता है।
ब्याज मुक्त ऋण योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिए लाभार्थी महिला के परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। जिला प्रबंधक महिला विकास निगम जेएस जसवाल ने पात्र महिलाओं से आह्वान किया है कि इच्छुक महिलाएं निगम की योजना का लाभ उठाएं तथा स्वरोजगार स्थापित कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करें।