100 रुपये के अनुदान से स्टार्ट अप करने चली प्रदेश सरकार
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मंडी। केंद्र और प्रदेश सरकार स्टार्ट अप योजना के तहत युवाओं को रोजगार प्रदान करने की दिशा में मास्टर प्लान तैयार करने में लगी है। इसके लिए कई योजनाएं बनाई जा रही हैं। प्रदेश में भी मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना के नाम से नई औद्योगिक योजना शुरू करने के बाबत उद्योग, श्रम एवं रोजगार विभाग की हरोली में हुई राज्यस्तरीय बैठक में निर्णय लिया गया। लेकिन, वर्ष 1983 में दस्तकारों और शिल्पकारों के उत्थान के लिए शुरू की गई ग्रामीण औद्योगीकरण योजना एवं ग्रामीण दस्तकार योजना (रिप रैप) की सहयोग राशि को बढ़ाना सरकार भूल गई है।
इस योजना के तहत दशकों बाद भी युवाओं को महज 100 रुपये मासिक अनुदान दिया जा रहा है। ताकि, वह कोई ऐसा काम सीख सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों के दस्तकारों, शिल्पकारों को स्वरोजगार की दृष्टि से सुदृढ़ बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से नौ माह की ट्रेनिंग के लिए अनुदान राशि दी जा रही है। दशकों पहले शुरू की गई इस योजना के तहत युवाओं को ट्रेनिंग के लिए महज सौ रुपये की मासिक सहयोग राशि दी जा रही है। जिस कारण इस योजना के तहत आवेदन भी उद्योग विभाग को कम ही मिल रहे हैं। महंगाई के इस दौर में महज सौ रुपये के अनुदान से ऐसा कार्य सीखना मुमकिन नहीं है। जिससे कोई युवा आगे चलकर अपने परिवार की गुजर बसर कर सके। योजना के तहत काम सिखाने वाले संस्थान को पचास रुपये प्रति प्रशिक्षु उद्योग विभाग की ओर से अनुदान राशि जारी की जाती है। योजना का फायदा समाज का कोई भी वर्ग उठा सकता है।
कोट
समाज का हर वर्ग इस योजना का फायदा उठा सकता है। एक परिवार के सभी सदस्य योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना के तहत 100 रुपये अनुदान राशि प्रति अभ्यर्थी दी जाती है। जिला में हर वर्ष सैकड़ों अभ्यर्थियों को अनुदान राशि जारी की जाती है।
..राजेश कुमार जीएम उद्योग विभाग मंडी