{"_id":"5825b8554f1c1b7304b383fe","slug":"give-water-otherwise-no-noc-for-water-tank","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूदर-भ्रौण को पानी दो, तभी मिलेगी टैंक बनाने की एनओसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूदर-भ्रौण को पानी दो, तभी मिलेगी टैंक बनाने की एनओसी
मंडी
Updated Fri, 11 Nov 2016 05:53 PM IST
विज्ञापन
पानी की टंकी
मंडी। ऊहल पेयजल योजना का पानी मंडी शहर को देने पर दूदर-भ्रौण पंचायत के लोगों ने अड़ंगा डाल दिया है। पंचायत के लोग और वन अधिकार कमेटी (एफआरसी) कांगणीधार में बनने वाले भंडारण टैंक की एनओसी देने से मुकर गई है। वन अधिकार कमेटी की मांग है कि जब तक लिखित रूप से आईपीएच विभाग दूदर गांव को पानी देने की हामी नहीं भरता है, कांगणीधार में भंडारण टैंक बनाने की एनओसी नहीं दी जाएगी।
आईपीएच विभाग ने लगभग 83 करोड़ रुपये की ऊहल पेयजल योजना का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया है। पाइप बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। अगले साल के अंत तक मंडी शहर को 24 घंटे पानी देने की योजना है। अब आईपीएच विभाग कांगणीधार में साढे़ तीन लाख लीटर क्षमता वाला भंडारण टैंक और ढांगसीधार में 24 लाख से अधिक लीटर पानी का भंडारण टैंक बनाया जाएगा। जिसके लिए संबंधित पंचायतों और एफआरसी से एनओसी आईपीएच विभाग ने मांगी है। इसमें दूदर-भ्रौंण की वन अधिकार कमेटी ने अपनी पंचायत की 12 बीघा भूमि देने से इनकार कर दिया है।
कोट्स
दूदर वार्ड की वन अधिकार समिति के प्रमुख प्रेम सिंह ने कहा कि ऊहल पेयजल योजना के लिए पंचायत की 12 बीघा जमीन जाएगी। इसलिए कम से कम दूदर गांव को इस योजना का पानी देने का प्रावधान होना चाहिए। अगर आईपीएच विभाग दूदर गांव को पानी नहीं देगा तो कमेटी भंडारण टैंक बनाने की एनओसी नहीं देगी।
विज्ञापन
कोट्स
दूदर-भ्रौंण पंचायत की प्रधान धर्मा पटियाल ने कहा कि लोगों की मांग जायज है। जिस प्रकार शहर के साथ लगती पंचायती को ऊहल पेयजल योजना का पानी देने का प्रावधान है, उसी प्रकार दूदर गांव को भी पेयजल योजना का पानी दिया जाए।
कोट्स
आईपीएच विभाग के अधिशाषी अभियंता अरुण शर्मा ने कहा कि दूदर-भ्रौंण पंचायत की वन अधिकार कमेटी से कांगणीधार प्रस्तावित भंडारण टैंक के लिए 12 बीघा जमीन देने की एनओसी मांगी गई है। अभी तक एफआरसी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। अगर दूदर गांव के लोगों की कोई मांग है तो उसे हल करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
आईपीएच विभाग ने लगभग 83 करोड़ रुपये की ऊहल पेयजल योजना का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया है। पाइप बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। अगले साल के अंत तक मंडी शहर को 24 घंटे पानी देने की योजना है। अब आईपीएच विभाग कांगणीधार में साढे़ तीन लाख लीटर क्षमता वाला भंडारण टैंक और ढांगसीधार में 24 लाख से अधिक लीटर पानी का भंडारण टैंक बनाया जाएगा। जिसके लिए संबंधित पंचायतों और एफआरसी से एनओसी आईपीएच विभाग ने मांगी है। इसमें दूदर-भ्रौंण की वन अधिकार कमेटी ने अपनी पंचायत की 12 बीघा भूमि देने से इनकार कर दिया है।
विज्ञापन
कोट्स
दूदर वार्ड की वन अधिकार समिति के प्रमुख प्रेम सिंह ने कहा कि ऊहल पेयजल योजना के लिए पंचायत की 12 बीघा जमीन जाएगी। इसलिए कम से कम दूदर गांव को इस योजना का पानी देने का प्रावधान होना चाहिए। अगर आईपीएच विभाग दूदर गांव को पानी नहीं देगा तो कमेटी भंडारण टैंक बनाने की एनओसी नहीं देगी।
विज्ञापन
कोट्स
दूदर-भ्रौंण पंचायत की प्रधान धर्मा पटियाल ने कहा कि लोगों की मांग जायज है। जिस प्रकार शहर के साथ लगती पंचायती को ऊहल पेयजल योजना का पानी देने का प्रावधान है, उसी प्रकार दूदर गांव को भी पेयजल योजना का पानी दिया जाए।
कोट्स
आईपीएच विभाग के अधिशाषी अभियंता अरुण शर्मा ने कहा कि दूदर-भ्रौंण पंचायत की वन अधिकार कमेटी से कांगणीधार प्रस्तावित भंडारण टैंक के लिए 12 बीघा जमीन देने की एनओसी मांगी गई है। अभी तक एफआरसी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। अगर दूदर गांव के लोगों की कोई मांग है तो उसे हल करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।