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फोरलेन प्रभावितों का आंदोलन जारी, एसडीएम पहुंचे
मंडी।
Updated Thu, 07 Apr 2016 10:08 PM IST
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सुंदरनगर में आंदोलन कर रहे फोरलेन प्रभावितों से बातचीत करने पहुंचे एसडीएम राजीव कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
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सुंदरनगर (मंडी)। फोरलेन प्रभावित परिवारों की ओर से नये भूमि अधिग्रहण एक्ट के तहत मुआवजा देने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन का असर दिखने लगा है। वीरवार को उपमंडलाधिकारी राजीव कुमार प्रभावितों से बातचीत करने के लिए पुंघ में आंदोलन स्थल पर पहुंचे।
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उपमंडलाधिकारी ने आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों राकेश सेन, घनश्याम महाजन, राजा ठाकुर, यादविंद्र पुरी, विजय कुमार, अश्वनी चंदेल,जय राम और नारायण सिंह से मांगों के बारे में जानकारी प्राप्त की। प्रभावितों ने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम के सेक्शन 24 के तहत मुआवजा देने के आदेश जारी किए है। परंतु संबंधित विभाग सरकार के इस आदेशों की पालना नहीं कर रहे हैं।
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जिस पर उपमंडलाधिकारी ने उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की बात कही तथा केंद्र सरकार व हिमाचल सरकार के पत्राचार दस्तावेजों की प्रतियां भी उनसे मांगी, जिसे प्रभावितों ने तुरंत मौके पर ही उपलब्ध करवा दिया। सरकार के निर्देशों के अनुसार किरतपुर-नेरचौक फोरलेन के प्रभावित परिवारों को जिन्होंने एक जनवरी 2015 से पहले हुए अवार्डों के अंतर्गत मुआवजा राशि नहीं ली हो या फिर संपत्तियों के भौतिक कब्जे नहीं दिए है, उन प्रभावित परिवारों पर नया भूमि अधिग्रहण कानून लागू कर दिया गया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा नये भूमि अधिग्रहण एक्ट के सेक्शन 24 के तहत किरतपुर-नेरचौक फोरलेन प्रभावितों को नई संशोधित मुआवजा नीति के आधार पर अवार्डों के पुनर्मूल्यांकन के लिए भू-अर्जन अधिकारी बिलासपुर को सूचित कर दिया गया है।
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जन आंदोलन संगठन के प्रतिनिधियों के अनुसार बदल चुके हालात के अनुसार भूमि अधिग्रहण संबंधी नेशनल हाईवे एक्ट 1956 के स्थान पर नये भूमि अधिग्रहण एक्ट 2013 के संशोधित प्रावधानों को लागू कर दिए जाने से किरतपुर-नेरचौक फोरलेन के बारे लंबे समय से चल रही सभी प्रकार की अटकलों को विराम लग गया है। लेकिन जमीनी स्तर पर इस पर अमल नहीं हो रहा है। शुक्रवार को अपने सुंदरनगर दौरे के दौरान मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा भी फोरलेन प्रभावितों से मिलने के लिए आएंगे। इस मौके पर आंदोलनकारी प्रभावित परिवार सांसद को अपना मांग पत्र भी सौंपेंगे।