फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   Firefighting system reliant on a 40-year-old setup

Mandi News: 40 साल पुराने सिस्टम पर टिकी अग्निशमन व्यवस्था

Sun, 01 Nov 2026 12:53 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
Firefighting system reliant on a 40-year-old setup
जोगिंद्रनगर शहर में हाईड्रेंट की जांच करते दमकल केंद्र के कर्मचारी। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल मुख्यालय जोगिंद्रनगर में आग की दुर्घटनाओं से निपटने के दावे विफल साबित हो रहे हैं। शहर की सुरक्षा आज भी चार दशक पुराने केवल सात हाइड्रेंट पर टिकी हुई है। तंग गलियों के कारण आपातकाल में दमकल वाहन घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाते हैं।
विज्ञापन

इससे जान-माल के नुकसान का खतरा हमेशा बना रहता है। अग्निशमन केंद्र के एक सर्वे में शहर के 14 अति-संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नए हाइड्रेंट की आवश्यकता बताई गई है। हालांकि, विभाग और प्रशासन की उदासीनता के कारण अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सर्वे में लक्ष्मी बाजार, बिलिंग कॉम्प्लेक्स मार्ग और बस अड्डा परिसर जैसे कई स्थानों पर हाइड्रेंट की कमी पाई गई। आयुर्वेदिक चिकित्सालय, एसडीएम कार्यालय और न्यायिक परिसर भी इनमें शामिल हैं। पूर्व सैनिक सदन परिसर के पास भी हाइड्रेंट लगाने का लिखित प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन इस पर भी कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है। दमकल केंद्र प्रभारी बंशी लाल ने 14 नए हाइड्रेंट को शहर की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और अग्निशमन विभाग को कई बार प्रस्ताव भेजे गए हैं, पर कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन

आग की प्रमुख घटनाएं
जोगिंद्रनगर शहर में पिछले पांच साल में 20 आग की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें करीब 60 से 70 लाख रुपये का नुकसान रिपोर्ट किया गया है। मुख्य बाजार और बिलिंग कॉम्प्लेक्स के पास दो मनियारी की दुकानों में लगभग 10 लाख रुपये की संपत्ति राख हो गई थी। एनएसी बाजार में एक मिठाई की दुकान में आग से करीब चार लाख रुपये का नुकसान हुआ। गरोड़ू में कन्फेक्शनरी दुकान और रेस्तरां में आग से लगभग 10 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रशासन का रुख
इन सभी जगहों पर हाइड्रेंट का अभाव था, जिससे आग बुझाने में दिक्कतें आईं। एसडीएम जोगिंद्रनगर मनीष चौधरी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। उन्होंने संबंधित विभाग को जल्द उचित कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही है। एसडीएम ने दमकल अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का स्वयं जायजा लेने का आश्वासन भी दिया।
सार्वजनिक स्थानों पर हाइड्रेंट का विस्तार न होना जान-माल के नुकसान का कारण बन सकता है। स्थानीय प्रशासन को तुरंत इस पर संज्ञान लेना चाहिए। -अजय धरवाल, पूर्व उपाध्यक्ष नगर परिषद जोगिंद्रनगर

दशकों पुरानी व्यवस्था के भरोसे आग से बचाव के दावे खोखले हैं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जल्द नए हाइड्रेंट स्थापित किए जाने चाहिए। -विवेक वालिया, स्थानीय निवासी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed