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Mandi News: बच्चे के भरण-पोषण मामले में पिता की याचिका खारिज
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मंडी। प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट मंडी की अदालत ने आठ वर्षीय बच्चे के भरण-पोषण के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में कहा था कि बच्चे की मां कुल्लू जिले के एक सरकारी स्कूल में भाषा अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं और लगभग 54 हजार रुपये मासिक वेतन प्राप्त करती हैं। वह अपने बेटे का भरण-पोषण नहीं कर रही हैं। याचिकाकर्ता ने 20 हजार रुपये मासिक भरण-पोषण की मांग की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान मां ने अदालत को बताया कि उन्होंने बच्चे को पहले डीएवी स्कूल मनाली में दाखिला दिलाया था। उसकी पढ़ाई और अन्य खर्चे वहन किए। उन्होंने कहा कि पिता ने जबरन बच्चे को अपनी अभिरक्षा में लेकर सरकारी स्कूल में दाखिला कर दिया। अदालत ने दोनों पक्षों के साक्ष्यों और दलीलों को परखने के बाद पाया कि मां की ओर से बेटे के भरण-पोषण की अनदेखी नहीं की गई है।
न्यायाधीश ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पिता, जो बच्चे की देखरेख कर रहा है, उसकी दैनिक आवश्यकताओं के लिए जिम्मेदार है। फैसले में याचिका को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया गया और कहा गया कि दोनों अभिभावक बच्चे के भविष्य और देखभाल के लिए समान रूप से जिम्मेदार हैं।
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मामले की सुनवाई के दौरान मां ने अदालत को बताया कि उन्होंने बच्चे को पहले डीएवी स्कूल मनाली में दाखिला दिलाया था। उसकी पढ़ाई और अन्य खर्चे वहन किए। उन्होंने कहा कि पिता ने जबरन बच्चे को अपनी अभिरक्षा में लेकर सरकारी स्कूल में दाखिला कर दिया। अदालत ने दोनों पक्षों के साक्ष्यों और दलीलों को परखने के बाद पाया कि मां की ओर से बेटे के भरण-पोषण की अनदेखी नहीं की गई है।
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न्यायाधीश ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पिता, जो बच्चे की देखरेख कर रहा है, उसकी दैनिक आवश्यकताओं के लिए जिम्मेदार है। फैसले में याचिका को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया गया और कहा गया कि दोनों अभिभावक बच्चे के भविष्य और देखभाल के लिए समान रूप से जिम्मेदार हैं।
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