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आस्था : गुग्गा गायन मंडलियां घर-घर सुनाएंगी गाथा
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कोटली में गुग्गा जाहरपीर का गुणगान करती मंडली। स्रोत जागरूक पाठक
- फोटो : घटना पर विलाप करते परिजन।
मंडी/कोटली। रक्षाबंधन त्योहार से जन्माष्टमी तक अब गुग्गा जाहरपीर का गायन होगा। गुग्गा मंडलियां लोगों के घर-घर पहुंच कर लोगों को बुरी शक्तियों से बचाने के लिए जाहरपीर की गाथा सुनाएंगी और उन्हें रक्षा सूत्र वितरित करेंगी। बदले में लोग गाथा मंडली को अनाज और दक्षिणा भेंट करेंगे। शनिवार से शुरू हुए गुग्गा जाहरपीर गाथा गायन 16 अगस्त तक चलेगी।
जन्माष्टमी पर भादो माह शुरू होते ही देवी-देवताओं के कपाट एक माह के लिए बंद हो जाएंगे। देवधार स्थित देव सत बालाकामेश्वर मंदिर के पुजारी धर्म चंद शर्मा के अनुसार गुग्गा गाथा का प्रचलन प्राचीन काल से माना गया है। वहीं, तुंगल क्षेत्र के कोटली और आसपास के गांवों में रक्षाबंधन त्योहार से गुग्गा जाहरपीर गाथा गायन की शुरुआत हो गई है। कोटली के अरन्याणा गांव निवासी सेवक राम, राम सिंह, राकेश, शेर सिंह, धारी राम, पूर्ण चंद की टोली ने शनिवार को अपने गांव से गुग्गा गाथा गायन की शुरुआत की है।
सेवक राम ने बताया कि वे जन्माष्टमी तक लगातार क्षेत्र की सभी पंचायतों का भ्रमण करते हुए घर-घर जाकर यह गायन सुनाएंगे। उन्होंने बताया कि गांव में हर घर में लोगों की ओर से बड़ी श्रद्धा एवं आस्था के साथ गुग्गा महाराज का स्वागत किया जाता है। संवाद
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जन्माष्टमी पर भादो माह शुरू होते ही देवी-देवताओं के कपाट एक माह के लिए बंद हो जाएंगे। देवधार स्थित देव सत बालाकामेश्वर मंदिर के पुजारी धर्म चंद शर्मा के अनुसार गुग्गा गाथा का प्रचलन प्राचीन काल से माना गया है। वहीं, तुंगल क्षेत्र के कोटली और आसपास के गांवों में रक्षाबंधन त्योहार से गुग्गा जाहरपीर गाथा गायन की शुरुआत हो गई है। कोटली के अरन्याणा गांव निवासी सेवक राम, राम सिंह, राकेश, शेर सिंह, धारी राम, पूर्ण चंद की टोली ने शनिवार को अपने गांव से गुग्गा गाथा गायन की शुरुआत की है।
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सेवक राम ने बताया कि वे जन्माष्टमी तक लगातार क्षेत्र की सभी पंचायतों का भ्रमण करते हुए घर-घर जाकर यह गायन सुनाएंगे। उन्होंने बताया कि गांव में हर घर में लोगों की ओर से बड़ी श्रद्धा एवं आस्था के साथ गुग्गा महाराज का स्वागत किया जाता है। संवाद
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