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Mandi News: एक ही भूमि से होगा दोहरा लाभ, फसल भी और बिजली भी
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केवीके मंडी में एग्री-फोटोवोल्टिक तकनीक पर कार्यशाला में किसान किए जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। कृषि विज्ञान केंद्र मंडी में भारतीय कृषि कौशल परिषद (एएससीआई), नई दिल्ली के सहयोग से एग्री-फोटोवोल्टिक (एपीवी) प्रणाली पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। केवीके मंडी के प्रधान डॉ. पंकज सूद की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में एएससीआई विशेषज्ञ रिचर्ड मनु और रवि ने किसानों को इस तकनीक के तकनीकी व व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। इसमें वैज्ञानिकों सहित करीब 50 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि एपीवी प्रणाली में फसलों के ऊपर या बीच में सौर पैनल लगाए जाते हैं, जिससे खेती के साथ सौर ऊर्जा उत्पादन भी संभव होता है। यह तकनीक किसानों को अतिरिक्त आय देने के साथ सिंचाई जल की बचत, फसलों को गर्मी-पाले से सुरक्षा और बेहतर सूक्ष्म जलवायु उपलब्ध कराती है। पैनलों के नीचे अदरक, हल्दी, पत्तेदार सब्जियां और बेरी जैसी छाया-सहिष्णु फसलों का उत्पादन किया जा सकता है। उत्पादित बिजली का उपयोग सिंचाई व कृषि यंत्रों के संचालन में कर ऊर्जा खर्च घटाया जा सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। कृषि विज्ञान केंद्र मंडी में भारतीय कृषि कौशल परिषद (एएससीआई), नई दिल्ली के सहयोग से एग्री-फोटोवोल्टिक (एपीवी) प्रणाली पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। केवीके मंडी के प्रधान डॉ. पंकज सूद की अध्यक्षता में हुई कार्यशाला में एएससीआई विशेषज्ञ रिचर्ड मनु और रवि ने किसानों को इस तकनीक के तकनीकी व व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी। इसमें वैज्ञानिकों सहित करीब 50 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि एपीवी प्रणाली में फसलों के ऊपर या बीच में सौर पैनल लगाए जाते हैं, जिससे खेती के साथ सौर ऊर्जा उत्पादन भी संभव होता है। यह तकनीक किसानों को अतिरिक्त आय देने के साथ सिंचाई जल की बचत, फसलों को गर्मी-पाले से सुरक्षा और बेहतर सूक्ष्म जलवायु उपलब्ध कराती है। पैनलों के नीचे अदरक, हल्दी, पत्तेदार सब्जियां और बेरी जैसी छाया-सहिष्णु फसलों का उत्पादन किया जा सकता है। उत्पादित बिजली का उपयोग सिंचाई व कृषि यंत्रों के संचालन में कर ऊर्जा खर्च घटाया जा सकता है।