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Mandi News: बारिश से दूषित हुई पेयजल योजनाएं, जलजनित रोगों का बढ़ा खतरा

Mon, 20 Jul 2026 12:31 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2026 12:31 AM IST
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Drinking water schemes contaminated by rain; risk of waterborne diseases rises.
जोगिंद्रनगर में वर्षा के दौरान उफान पर आई खड्ड।स्रोत जागरूक पाठक - फोटो : आपात स्थिति के लिए बने कंट्रोल रूम का निरीक्षण करती एडीएम कल्पना जायसवाल। स्रोत विभाग
बारिश के बाद नदी-नालों में उफान से पानी हो गया मटमैला
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संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल में डायरिया और वायरल फीवर के मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच जल स्रोतों में गंदगी फैलने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। बारिश के कारण पेयजल योजनाओं के दूषित होने से जलजनित रोगों का खतरा भी बढ़ गया है। शनिवार और रविवार को हुई भारी बारिश के बाद नदी-नालों में उफान आने से पानी मटमैला हो गया है। मच्छयाल, गुगली और रणा खड्डों में गंदगी घुलने से अधिकांश उठाऊ पेयजल योजनाओं के संचालन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। उपमंडल में 120 से अधिक पेयजल योजनाएं नदी-नालों और प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं। मानसून के दौरान तेज बहाव के साथ गंदगी जल स्रोतों में मिलने से इन योजनाओं के प्रदूषित होने की आशंका बनी रहती है। हालांकि जलशक्ति विभाग की ओर से जल भंडारण टैंकों का नियमित सुपर क्लोरीनेशन किया जा रहा है। इसके अलावा टैंकों की सफाई और पानी की सैंपलिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले करीब एक सप्ताह से जोगिंद्रनगर उपमंडल के अस्पतालों में उल्टी, दस्त और पेट दर्द से पीड़ित मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी एक क्षेत्र से डायरिया के मामलों की अधिक पुष्टि नहीं हुई है।एसएमओ जोगिंद्रनगर डॉ. विकास नाथ ने बताया कि मानसून सीजन में जलजनित रोगों से प्रभावित मरीजों को अस्पताल के विभिन्न वार्डों, आपातकालीन सेवाओं और ओपीडी में बेहतर उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। उधर, जलशक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता शेखर कटोच ने बताया कि मानसून सीजन में उपभोक्ताओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों की गुणवत्ता जांचने के लिए विभाग की आधुनिक प्रयोगशाला में प्रतिदिन पानी के सैंपलों की जांच की जा रही है।
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