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कहीं चेहरे का रंग न उड़ा दे ये गुलाल
मंडी।
Updated Tue, 22 Mar 2016 06:53 PM IST
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सोलन में होली को लेकर पिचकारी खरीदतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
मंडी। रंगोत्सव पर रंगों का गलत चयन और इस्तेमाल आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। केमिकल युक्त रंग स्किन और आंखों के लिए घातक साबित हो सकते हैं। छोटी सी लापरवाही से आंखों की रोशनी तक जा सकती है। रंगों का सही चयन ही होली पर्व में आपको सुरक्षित रख सकता है।
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आधुनिकता की दौड़ के साथ कई प्रकार के रंग बाजार में उपलब्ध हैं। जिनमें केमिकल भी मौजूद रहते हैं। ऐसे रंगों का प्रयोग करना हानिकारक हो सकता है। विशेषज्ञों की मानें तो आंखों में केमिकल युक्त रंग जाने से रोशनी तक जा सकती है। वहीं, चमड़ी पर धब्बे तक पड़ सकते हैं। इसके अलावा एलर्जी भी हो सकती है। रंगों में रेत या अन्य चीज मिलाकर इस्तेमाल करना भी घातक हो सकता है।
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विशेषज्ञों की सलाह है कि एलर्जी, आंखों और स्किन को केमिकल युक्त रंगों से बचाने के लिए अपनी बॉडी को कवर करें। विशेषज्ञों की मानें तो नेचुरल और केमिकल युक्त रंगों के पहचान करना भी आसान है। केमिकल युक्त रंगों में अकसर खुदरापन पाया जाता है। जबकि नेचुरल रंग मुलायम होते हैं।
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इधर, जोनल अस्पताल मंडी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ विनोद शर्मा ने बताया कि नेचुरल कलर्स का उपयोग कर रंगों के त्योहार को और भी रंगीन बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि केमिकल युक्त रंगों का प्रयोग न करें।
बॉक्स
क्या करें
बालों को बांध कर कवर करें
बालों की ऑयलिंग करें
चेहरे पर भी ऑयलिंग करें
रंगों का चयन सही तरीके से करें
सादे रंग का प्रयोग करें
स्लीवलेस कपड़े न पहनें
क्या न करें
केमिकल युक्त रंगों को प्रयोग न करें
ग्रीस और अन्य कालिख न लगाएं
आंखों में होली का रंग न डालें
किसी को जबरदस्ती रंग न लगाएं
ठंडे पानी से होली न खेलें
रंगों को जोर से न लगाएं
आंखों पर रंग न डालें
ऐसे करें बचाव
आंखों में रंग जाने पर ठंडे पानी से धोएं
जलन होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
रंग न उतरने पर भी जोर से रंगड़े न
रंग से एलर्जी होने पर डॉॅक्टर को दिखाएं