{"_id":"68bf1f2a9fb827577b0b0256","slug":"discussion-on-the-changes-coming-in-business-practices-due-to-the-increasing-use-of-ai-mandi-news-r-399-1-sml1019-359838-2025-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: एआई के बढ़ते उपयोग से व्यापारिक प्रथाओं में आ रहे बदलावों पर किया मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: एआई के बढ़ते उपयोग से व्यापारिक प्रथाओं में आ रहे बदलावों पर किया मंथन
विज्ञापन
मंडी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट ने अपने वार्षिक प्रमुख प्रबंधन सम्मेलन एआईएक्सेलरेट 3.0 का सफलतापूर्वक आयोजन किया। दो-दिवसीय सम्मेलन में डिजिटल युग में नवाचार और नेतृत्व को प्रज्वलित करना विषय पर चर्चा की गई। सम्मेलन में उद्योग जगत के दिग्गजों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों ने भाग लिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते उपयोग से व्यापारिक प्रथाओं में आ रहे बदलावों पर गहन चर्चा की।
सम्मेलन का उद्देश्य देश की नवाचार पारिस्थितिकी को मजबूती देना और डेटा-चालित विश्व में प्रबंधकों एवं भावी व्यावसायिक नेताओं को तैयार करना रहा। विद्यार्थियों के लिए यह एक अनोखा अवसर साबित हुआ, जिसमें उन्हें उद्योग विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं के साथ प्रत्यक्ष संवाद करने का मौका मिला।
कार्यक्रम में उद्योग विशेषज्ञ शीव कुमार, मनीष पुरवार, लोकेश शर्मा, अभिजीत शाह, राम श्रीनिवासन, डॉ. ऋषि भटनागर, स्वप्निल तांबी, रितेश अग्रवाल, निखिल भूषण, सोमजीत अमृत ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में चर्चा की गई कि भविष्य में कई क्षेत्रों में एआई कैसे अत्यधिक प्रभावशाली साबित हो सकता है, जिसमें एजेंटिक एआई के युग में रणनीतिक नेतृत्व, स्मार्ट जुड़ाव और मार्केटिंग की पुनर्परिभाषा, बैंकिंग, बीमा और फिनटेक में एआई के माध्यम से वित्तीय क्षेत्र का परिवर्तन, और नैतिकता और शासन के माध्यम से विश्वास निर्माण पर केंद्रित जिम्मेदार एआई शामिल हैं
विज्ञापन
आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा, निदेशक सफल आयोजन के लिए बधाई दी और प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति और नवाचार को प्रोत्साहित किया। वहीं, आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष प्रो. अंजन कुमार स्वैन ने कहा कि एआई एक्सेलरेट के तीसरे संस्करण ने दिखाया कि कैसे एआई व्यावसायिक रणनीतियों को नया रूप दे रहा है। पारदर्शिता, विश्वास और समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए लीडर की जिम्मेदारी को रेखांकित किया। यहां हुई चर्चा भविष्य के लीडर को एआई को जिम्मेदारी से अपनाने और लोगों को सशक्त बनाने, समुदायों का उत्थान करने और देश की वैश्विक स्थिति को बढ़ाने वाले संस्थानों का निर्माण करने में मार्गदर्शन करेगा।
000
विज्ञापन
सम्मेलन का उद्देश्य देश की नवाचार पारिस्थितिकी को मजबूती देना और डेटा-चालित विश्व में प्रबंधकों एवं भावी व्यावसायिक नेताओं को तैयार करना रहा। विद्यार्थियों के लिए यह एक अनोखा अवसर साबित हुआ, जिसमें उन्हें उद्योग विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं के साथ प्रत्यक्ष संवाद करने का मौका मिला।
विज्ञापन
कार्यक्रम में उद्योग विशेषज्ञ शीव कुमार, मनीष पुरवार, लोकेश शर्मा, अभिजीत शाह, राम श्रीनिवासन, डॉ. ऋषि भटनागर, स्वप्निल तांबी, रितेश अग्रवाल, निखिल भूषण, सोमजीत अमृत ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में चर्चा की गई कि भविष्य में कई क्षेत्रों में एआई कैसे अत्यधिक प्रभावशाली साबित हो सकता है, जिसमें एजेंटिक एआई के युग में रणनीतिक नेतृत्व, स्मार्ट जुड़ाव और मार्केटिंग की पुनर्परिभाषा, बैंकिंग, बीमा और फिनटेक में एआई के माध्यम से वित्तीय क्षेत्र का परिवर्तन, और नैतिकता और शासन के माध्यम से विश्वास निर्माण पर केंद्रित जिम्मेदार एआई शामिल हैं
विज्ञापन
आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा, निदेशक सफल आयोजन के लिए बधाई दी और प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रगति और नवाचार को प्रोत्साहित किया। वहीं, आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष प्रो. अंजन कुमार स्वैन ने कहा कि एआई एक्सेलरेट के तीसरे संस्करण ने दिखाया कि कैसे एआई व्यावसायिक रणनीतियों को नया रूप दे रहा है। पारदर्शिता, विश्वास और समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए लीडर की जिम्मेदारी को रेखांकित किया। यहां हुई चर्चा भविष्य के लीडर को एआई को जिम्मेदारी से अपनाने और लोगों को सशक्त बनाने, समुदायों का उत्थान करने और देश की वैश्विक स्थिति को बढ़ाने वाले संस्थानों का निर्माण करने में मार्गदर्शन करेगा।
000