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Mandi News: बैसाखी पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
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मंडी जिला के रिवालसर में बैसाखी पर्व पर स्नान के लिए उमड़े लोग। संवाद
रिवालसर/करसोग/पधर (मंडी)। बैसाखी पर्व पर रविवार को श्रद्धालुओं ने मंडी जिले के तीर्थ स्थलों पर आस्था की डुबकी लगाई। ग्रहों की शांति के लिए लोगों ने परिवार के साथ तुलादान भी किया। धार्मिक नगरी रिवालसर में चल रहे बैसाखी मेले के दूसरे दिन रविवार को हिंदू, सिख और बौद्ध अनुयायियों ने पवित्र झील में आस्था की डुबकी लगाई।
बौद्ध मठों, गुरुद्वारा और शिव मंदिर में शीश नवाया। तत्तापानी करसोग, बूढ़ाकेदार सराज और हिमरी गंगा पधर में भी श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। रिवालसर झील में तड़के से ही श्रद्धालुओं ने स्नान कर लोमष ऋषि मंदिर, लक्ष्मी नारायण और शिव मंदिर में पूजा की। बैसाखी पर श्रद्धालुओं ने रिवालसर झील के किनारे ग्रहों के निवारण के लिए तुलादान भी करवाया। चार दिवसीय बैसाखी मेले के दूसरे दिन रिवालसर झील परिसर और मेला मैदान में लोगों की भारी भीड़ रही।
झील परिसर में सजी दुकानों पर श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। बैसाखी मेले के पहले दिन हुई भारी बारिश से कारोबारियों का कारोबार प्रभावित हुए। शनिवार देर सायं रिवालसर में एक हादसे में एक व्यक्ति की मौत होने के चलते मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या को रद्द किया गाय। रिवालसर स्थित गुरु गोबिंद सिंह गुरुद्वारा में सिख संगतों का सुबह से तांता लगा रहा। सिख संगतों ने रिवालसर गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के बाद गुरुद्वारे में लगे लंगर का आनंद लिया।
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रिवालसर बैसाखी मेले में हिमाचल, पंजाब राज्यों सहित जिला हमीरपुर, बिलासपुर और मंडी से श्रद्धालु पहुंचते हैं। रिवालसर की सरकीधार में स्थित माता नैणा मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। इस कारण रिवालसर बाजार सहित आसपास की सड़कों पर कई जगह वाहनों का लंबा जाम लग गया। पुलिस प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए पुलिस जवानों की तैनात की गई है। चार दिवसीय बैसाखी मेला रिवालसर में 15 अप्रैल को कुश्ती प्रतियोगिता के साथ समापन किया जाएगा। संवाद
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बौद्ध मठों, गुरुद्वारा और शिव मंदिर में शीश नवाया। तत्तापानी करसोग, बूढ़ाकेदार सराज और हिमरी गंगा पधर में भी श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। रिवालसर झील में तड़के से ही श्रद्धालुओं ने स्नान कर लोमष ऋषि मंदिर, लक्ष्मी नारायण और शिव मंदिर में पूजा की। बैसाखी पर श्रद्धालुओं ने रिवालसर झील के किनारे ग्रहों के निवारण के लिए तुलादान भी करवाया। चार दिवसीय बैसाखी मेले के दूसरे दिन रिवालसर झील परिसर और मेला मैदान में लोगों की भारी भीड़ रही।
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झील परिसर में सजी दुकानों पर श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। बैसाखी मेले के पहले दिन हुई भारी बारिश से कारोबारियों का कारोबार प्रभावित हुए। शनिवार देर सायं रिवालसर में एक हादसे में एक व्यक्ति की मौत होने के चलते मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या को रद्द किया गाय। रिवालसर स्थित गुरु गोबिंद सिंह गुरुद्वारा में सिख संगतों का सुबह से तांता लगा रहा। सिख संगतों ने रिवालसर गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के बाद गुरुद्वारे में लगे लंगर का आनंद लिया।
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रिवालसर बैसाखी मेले में हिमाचल, पंजाब राज्यों सहित जिला हमीरपुर, बिलासपुर और मंडी से श्रद्धालु पहुंचते हैं। रिवालसर की सरकीधार में स्थित माता नैणा मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। इस कारण रिवालसर बाजार सहित आसपास की सड़कों पर कई जगह वाहनों का लंबा जाम लग गया। पुलिस प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए पुलिस जवानों की तैनात की गई है। चार दिवसीय बैसाखी मेला रिवालसर में 15 अप्रैल को कुश्ती प्रतियोगिता के साथ समापन किया जाएगा। संवाद