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Mandi News: पहाड़ी संस्कृति को नई उड़ान दे रहीं देविना
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कटाैला (मंडी)। उत्तरशाल की रहने वाली देविना ठाकुर आज हिमाचल की उभरती हुई मॉडल, कलाकार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में नई पहचान बना रही हैं। साधारण मध्य वर्गीय परिवार से संबंध रखने वाली देविना ने अपनी मेहनत, लग्न और आत्मविश्वास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। हाल ही में देविना ठाकुर को हिमालयन श्री अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। देविना ठाकुर ने प्रारंभिक शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कटौला से कॉमर्स संकाय में 12वीं तक प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने वल्लभ गवर्नमेंट कॉलेज मंडी से बीकॉम और सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी से एमकॉम की पढ़ाई पूरी की। देविना बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही डांस और मॉडलिंग का शौक था और वह हमेशा अपने दम पर कुछ अलग करना चाहती थीं। उन्होंने अपनी एमकॉम की पढ़ाई भी स्वयं कमाए पैसों से पूरी की। उनके पिता नरपत कुमार छोटी दुकान चलाते हैं जबकि माता बिमला गृहिणी हैं। वर्तमान में देविना टीम उत्तरशाल की सदस्य भी हैं। वर्ष 2023 में उनकी जिंदगी में बड़ा मोड़ तब आया, जब उन्हें ईसुर स्टूडियो के माध्यम से प्रसिद्ध गायक कुलदीप शर्मा के गीत में अभिनय का मौका मिला। वह 25 से अधिक पहाड़ी और हिमाचली गीतों में अभिनय कर चुकी हैं।
देविना बताती हैं कि जब उन्होंने इस क्षेत्र में कदम रखा तो कई लोगों ने आलोचना भी की। एक समय ऐसा भी आया जब उनके पिता ने उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी, लेकिन उनकी माता हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रहीं। देविना ठाकुर ने बताया कि मुख्य उद्देश्य हिमाचली संस्कृति, लोक परंपरा और पहाड़ी कला को नई पहचान दिलाना है। कहा कि जब इंसान कुछ नया करने की कोशिश करता है तो लोग विरोध जरूर करते हैं, लेकिन सफलता मिलने के बाद वही लोग साथ खड़े हो जाते हैं।
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देविना बताती हैं कि जब उन्होंने इस क्षेत्र में कदम रखा तो कई लोगों ने आलोचना भी की। एक समय ऐसा भी आया जब उनके पिता ने उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी, लेकिन उनकी माता हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रहीं। देविना ठाकुर ने बताया कि मुख्य उद्देश्य हिमाचली संस्कृति, लोक परंपरा और पहाड़ी कला को नई पहचान दिलाना है। कहा कि जब इंसान कुछ नया करने की कोशिश करता है तो लोग विरोध जरूर करते हैं, लेकिन सफलता मिलने के बाद वही लोग साथ खड़े हो जाते हैं।
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