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Mandi News: महाशिवरात्रि पर्व के लिए 22 को रवाना होंगे देव चपलांदू नाग
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देवता के भंडार में बैठक कर मंदिर प्रबंधन कमेटी ने लिया निर्णय
140 किलोमीटर का रास्ता पैदल तय कर देवता साथ पहुंचेंगे देवलु
फोटो सहित
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। सराज क्षेत्र की चपलांदी धार के देव चपलांदू नाग 22 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व के लिए रवाना होंगे। करीब 50 देवलुओं के साथ देव चपलांदू नाग 140 किलोमीटर का रास्ता पैदल तय कर महाशिवरात्रि पर्व में शामिल होंगे। देवता के भंडार में बुधवार को आयोजित मंदिर प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया।
देवता का फर्शी (लकड़ी पर स्थापित मोहरा) के साथ देवलु क्षेत्र के पनाहर, जंजैहली, कांढा, मौवीसेरी से होते हुए बल्ह घाटी के बैहना में पहुंचेंगे। बैहना गांव में पहुंचने के बाद देवता के रथ का शृंगार किया जाएगा। बैहना गांव में देव चपलांदू नाग की कोठड़ी आज भी मौजूद हैं। इस कोठड़ी में देवता के रथ को तैयार करने और साज सज्जा का सामान सहेज कर रखा जाता है।
बुधवार को देव चपलांदू नाग के भंडार में मंदिर प्रबंधन कमेटी की बैठक हुई। बैठक में कमेटी के प्रधान ज्ञान चंद, कारदार सूरत राम, पुजारी इंद्र सिंह और अशोक कुमार समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि 22 फरवरी को मूल स्थान से देवता महाशिवरात्रि पर्व में भाग लेने के लिए रवाना होंगे। करीब 50 देवलु देवता के साथ कूच करेंगे।
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बाक्स
देव चपलांदू नाग मंदिर प्रबंधन कमेटी की बैठक में महाशिवरात्रि पर्व में भाग लेने की रूपरेखा तैयार की गई। 22 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व के लिए रवाना होने का निर्णय लिया गया है। जनपद में देवता का अहम स्थान है। देवता महामृत्युंजय मंदिर के निकट यजमान के घर में रात्रि ठहराव करते हैं।
-सूरत राम ठाकुर, कारदार, देव चपलांदू नाग
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140 किलोमीटर का रास्ता पैदल तय कर देवता साथ पहुंचेंगे देवलु
फोटो सहित
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। सराज क्षेत्र की चपलांदी धार के देव चपलांदू नाग 22 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व के लिए रवाना होंगे। करीब 50 देवलुओं के साथ देव चपलांदू नाग 140 किलोमीटर का रास्ता पैदल तय कर महाशिवरात्रि पर्व में शामिल होंगे। देवता के भंडार में बुधवार को आयोजित मंदिर प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया।
देवता का फर्शी (लकड़ी पर स्थापित मोहरा) के साथ देवलु क्षेत्र के पनाहर, जंजैहली, कांढा, मौवीसेरी से होते हुए बल्ह घाटी के बैहना में पहुंचेंगे। बैहना गांव में पहुंचने के बाद देवता के रथ का शृंगार किया जाएगा। बैहना गांव में देव चपलांदू नाग की कोठड़ी आज भी मौजूद हैं। इस कोठड़ी में देवता के रथ को तैयार करने और साज सज्जा का सामान सहेज कर रखा जाता है।
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बुधवार को देव चपलांदू नाग के भंडार में मंदिर प्रबंधन कमेटी की बैठक हुई। बैठक में कमेटी के प्रधान ज्ञान चंद, कारदार सूरत राम, पुजारी इंद्र सिंह और अशोक कुमार समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि 22 फरवरी को मूल स्थान से देवता महाशिवरात्रि पर्व में भाग लेने के लिए रवाना होंगे। करीब 50 देवलु देवता के साथ कूच करेंगे।
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देव चपलांदू नाग मंदिर प्रबंधन कमेटी की बैठक में महाशिवरात्रि पर्व में भाग लेने की रूपरेखा तैयार की गई। 22 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व के लिए रवाना होने का निर्णय लिया गया है। जनपद में देवता का अहम स्थान है। देवता महामृत्युंजय मंदिर के निकट यजमान के घर में रात्रि ठहराव करते हैं।
-सूरत राम ठाकुर, कारदार, देव चपलांदू नाग