{"_id":"6a240f52927df9520903e480","slug":"demonstration-of-line-sowing-of-maize-mandi-news-c-90-1-mnd1001-199561-2026-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: मक्की की लाइन बुवाई का प्रदर्शन किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: मक्की की लाइन बुवाई का प्रदर्शन किया
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (जायका-ओडीए) के तहत खंड परियोजना प्रबंधक इकाई मंडी की ओर से उप-परियोजना पधर के आरंग क्षेत्र में खाद्यान्न उत्पादकता कार्यक्रम के अंतर्गत मक्की की लाइन बुवाई का प्रदर्शन किया गया। इसका उद्देश्य किसानों को उन्नत एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से परिचित कराकर उत्पादन बढ़ाना है।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. पीएल शर्मा एवं डॉ. आरके शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रदर्शन में बताया गया कि लाइन बुवाई से बीज का सही उपयोग, पौधों की समान वृद्धि तथा निराई-गुड़ाई, उर्वरक और सिंचाई प्रबंधन अधिक प्रभावी होता है, जिससे लागत घटती है और उत्पादन बढ़ता है।
कार्यक्रम में किसानों को उन्नत बीज चयन, संतुलित उर्वरक उपयोग, खरपतवार नियंत्रण एवं फसल संरक्षण की जानकारी भी दी गई। किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर वैज्ञानिक खेती अपनाने में रुचि दिखाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंडी। हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण प्रोत्साहन परियोजना (जायका-ओडीए) के तहत खंड परियोजना प्रबंधक इकाई मंडी की ओर से उप-परियोजना पधर के आरंग क्षेत्र में खाद्यान्न उत्पादकता कार्यक्रम के अंतर्गत मक्की की लाइन बुवाई का प्रदर्शन किया गया। इसका उद्देश्य किसानों को उन्नत एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से परिचित कराकर उत्पादन बढ़ाना है।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. पीएल शर्मा एवं डॉ. आरके शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रदर्शन में बताया गया कि लाइन बुवाई से बीज का सही उपयोग, पौधों की समान वृद्धि तथा निराई-गुड़ाई, उर्वरक और सिंचाई प्रबंधन अधिक प्रभावी होता है, जिससे लागत घटती है और उत्पादन बढ़ता है।
विज्ञापन
कार्यक्रम में किसानों को उन्नत बीज चयन, संतुलित उर्वरक उपयोग, खरपतवार नियंत्रण एवं फसल संरक्षण की जानकारी भी दी गई। किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर वैज्ञानिक खेती अपनाने में रुचि दिखाई।
विज्ञापन