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Mandi News: दिल्ली में बीएस-4 वाहनों पर सख्ती से ट्रांसपोर्ट कारोबार प्रभावित, बढ़ सकती है महंगाई

Thu, 18 Dec 2025 06:29 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी Updated Thu, 18 Dec 2025 06:29 AM IST
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Delhi's strict enforcement of BS-4 vehicles could impact the transport business and increase inflation.
द मंडी सुकेत ट्रक ऑपरेटर यूनियन धनोटू के कार्यालय के बारे खड़े ट्रक। संवाद
मंडी/सुंदरनगर/नेरचौक। दिल्ली में बीएस-4 वाहनों के प्रवेश पर सख्ती से जिले में ट्रांसपोर्ट कारोबार के साथ अन्य कारोबार भी प्रभावित होंगे। दिल्ली से मंडी आने वाली खाद्य सामग्री की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। इसमें देरी के साथ महंगाई बढ़ने की भी आशंका है। मांग व सप्लाई की चेन प्रभावित हो सकती है। टैक्सी ऑपरेटर इस निर्णय से सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। हालांकि बीएस-6 वाहन मालिकों पर इस फैसले का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा बल्कि उन्हें पहले की तुलना में अधिक काम मिलने की उम्मीद है। परिवहन निगम पहले ही दिल्ली के लिए बीएस-4 वाहनों को भेजने पर रोक लगा चुका है।
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द मंडी सुकेत ट्रक ऑपरेटर यूनियन धनोटू सुंदरनगर के अध्यक्ष करतार सिंह ने बताया कि यूनियन के पास करीब 150 बीएस-4 ट्रक हैं। दिल्ली में इनके प्रवेश पर रोक लगने से इन ट्रकों से होने वाली कमाई पूरी तरह बंद हो जाएगी। बीएस-6 वाहनों की मौजूदगी के कारण बीएस-4 ट्रक मालिकों को काम भी नहीं मिल पाएगा। फ्रूट सीजन के दौरान यूनियन की गाड़ियां सीधे दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी जाती हैं लेकिन यूनियन के पास बीएस-6 ट्रकों की संख्या 100 से भी कम है। उन्होंने कहा कि दो-तीन साल पुराने बीएस-4 ट्रकों को भी दिल्ली जाने की अनुमति देने की मांग ऑपरेटर कर रहे हैं। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के कई ट्रक मालिकों और चालकों के बेरोजगार होने का खतरा है।
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सुंदरनगर डिपो के पास करीब 12 बीएस-6 बसें हैं, जिनमें दो टाटा एसी बसें शामिल हैं। डिपो से दिल्ली के केवल दो ही रूट हैं और इन पर बीएस-6 बसों की कोई कमी नहीं है। अड्डा प्रभारी सुंदरनगर कश्मीर लाल ने कहा कि संचालन पर इस फैसले का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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वहीं, सराज व नाचन क्षेत्र से मटर, टमाटर, सेब समेत अन्य नकदी फसलों की बड़ी मात्रा में दिल्ली की सब्जी मंडियों में खेप जाती है। सीजन के दौरान सैकड़ों की तादाद में छोटे बड़े मालवाहन वाहन दिल्ली के लिए रवाना होते हैं। मांग के अनुसार उपलब्धता न होने पर यहां भी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
सिद्धकाली टैक्सी यूनियन सेरी बाजार मंडी के अध्यक्ष संजय ने बताया कि इस निर्णय से टैक्सी कारोबार प्रभावित होगा। बीएस-4 वाहन दिल्ली नहीं जा पाएंगे। इसका सीधा असर आजीविका पर पड़ेगा। वहीं, व्यापार मंडल मंडी के अध्यक्ष राजेश महेंद्रू ने बताया कि खाद्य सामान दिल्ली से ही आता है। मांग अधिक होने से किराये की मनमानी भी देखने को मिल सकती है। इस निर्णय से खाद्य सामान की आपूर्ति में भी देरी हो सकती है। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका है। बाजार में प्रभाव देखने को मिल सकता है।

उधर, नेरचौक ट्रक यूनियन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर ने कहा कि दिल्ली सरकार के निर्णय से कुछ असर जरूर पड़ेगा लेकिन नेरचौक ट्रक यूनियन पर इसका प्रभाव सीमित रहेगा, क्योंकि यूनियन का अधिकांश कार्य दिल्ली के बजाय अन्य क्षेत्रों में होता है। वहीं ट्रक यूनियन के पूर्व अध्यक्ष अजय ठाकुर ने बताया कि इस निर्णय से ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर बड़ा असर पड़ेगा और महंगाई बढ़ने की पूरी संभावना है।
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