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बेटियों ने माता-पिता की चिताओं को दी मुखाग्नि, रोके नहीं रुके आंसू
मंडी
Updated Sun, 06 Nov 2016 10:27 PM IST
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निजी बस हादसे में घायल हुक्म चंद से मिलते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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मंडी। बिंद्रावणी निजी बस हादसा जिले के 10 परिवारों को कभी न भरने वाले जख्म दे गया है। यह हादसा जिले के विभिन्न क्षेत्रों के 12 लोगों को लील गया है। जिसमें दो दंपति भी शामिल हैं। जिला के मंडी शहर के पुरानी मंडी और प्रेम गली के साथ ही जिला के दूरदराज नौ गांवों में रविवार को बिंद्रावणी हादसे में मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार हुआ। हादसे से कई गांवों में सन्नाटा पसर गया है।
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मंडी शहर की प्रेम गली में सोमवार को सन्नाटा पसरा रहा। इस गली के सुभाष मल्होत्रा और उनकी पत्नी हेमलता को उनकी दो बेटियों ने मुखाग्रि दी। रोती बिलखती बेटियों को देखकर हर किसी का दिल पसीज रहा था। रिश्तेदार बेटियों को ढांढस बंधाते रहे। लेकिन, बेटियों के आंसू रोके नहीं रुके। दिवंगत सुभाष की बड़ी बेटी लीना की शादी 21 और 22 नवंबर को होनी थी। छोटी बेटी कविता की शादी पहले ही हो चुकी है। बड़ी बेटी की शादी के महज 15 दिन पहले ही दोनों मां-बाप अपनी बेटियों को छोड़कर दुनिया से रुखसत हो गए। वहीं, पुरानी मंडी में चार वर्षीय रोहन और नौ वर्षीय कनिका के सिर से बाप का साया छिन गया है। पुरानी मंडी के सुरेंद्र शहर में सिलाई का कार्य करते थे। सुरेंद्र भी बस हादसे का शिकार हो गए हैं। वहीं,
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देगड़ गांव में एक साथ जलीं युवा दंपति की चिताएं
देवरी पंचायत के देगड़ गांव में युवा दंपति की चिताएं भी एक साथ जली। दोनों अपने पीछे एक डेढ़ वर्ष का बच्चा छोड़ गए हैं। पति चूड़ामणी व पत्नी लता देवी बिंद्रावणी बस हादसे का शिकार हो गए हैं। लता देवी का भाई गोपाल भी हादसे में मारा गया है। तीनों का अंतिम संस्कार एक ही खड्ड के किनारे महज कुछ ही दूरी पर हुआ। जहां पति-पत्नी की चिताएं एक साथ जलाई गई। वहीं, कुछ ही दूरी पर दिवंगत लता के भाई गोपाल का अंतिम संस्कार हुआ।
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