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पेड़ से न रूकती बस तो हो सकता था बड़ा हादसा
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Fri, 17 Feb 2017 11:19 PM IST
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डैहर उपतहसील के तहत डैहर-कंदरौर सड़क पर समलेहू के पास हुए हादसे में अगर स्कूल बस पेड़ पर नहीं रूकती तो भयानक मंजर हो सकता था। इस दौरान घायल बच्चों की चीख-पुकार से माहौल गनगीन हो गया। हादसे में कई बच्चों का भविष्य दाव पर लग गया है।
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बस में सवार जमा दो कक्षा के आधा दर्जन बच्चों की वार्षिक प्रायोगिक परीक्षा थी, लेकिन वह घायल होने के कारण परीक्षा नहीं दे सके। इसमें कई बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। कई बच्चों की बाजू व टांगे फ्रेक्चर हो गई। महज 15 दिन बाद ही इन बच्चों की परीक्षा है जिससे बच्चे चिंतित हैं। स्कूल से महज 500 मीटर पीछे यह हादसा पेश आया है। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो समय कवर करने के चक्कर में यह हादसा पेश आया।
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25 सीटर स्कूली बस में एक अध्यापिका समेत 32 बच्चे सवार थे। घटनास्थल पर मंजर दिल दहला देने वाला था। बच्चों के बैग, स्वेटर, जूते बस में फंसे हुए थे। हादसे के एक घंटे बाद परिजन बच्चों को घटनास्थल पर तलाश रहे थे। खून से सनी सीटों को देखकर हर किसी का दिल दहल रहा था। उपतहसील डैहर के मल्यावर से डैहर आ रही तेज रफ्तार स्कूल बस साढ़े आठ बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
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बताया जा रहा है कि बस चालक एक निजी बस को ओवरटेक कर रहा था। इस कारण बस 50 फीट नीचे गिर गई। हादसे के तुरंत बाद समलेहु गांव के युवकों डिंपल, मनीष, राकेश, तुलसी राम, राकेश, राकू ने बचाव कार्य किया। युवाओं ने तुरंत सीएचसी डैहर में घायल बच्चों को पहुंचाया। करीब नौ बजे युवाओं ने अधिकतर घायलों को अस्पताल में पहुंचा दिया था। उसके बाद ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। करीब पौने दस बजे एसडीएम सुंदरनगर राजीव कुमार व डीएसपी संजीव भाटिया मौके पर पहुंचे।
सड़क से 50 फीट नीचे गिरने के बाद बस एक पेड़ पर रूक गई। इससे बस की छत क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन बस में सवार स्कूली बच्चों की जानें बच गई। अगर बस पेड़ पर न रूकती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
मंडी अस्पताल में दाखिल घायल छात्रा सिमरन ने बताया कि स्कूल बस सही समय पर चली थी, लेकिन ड्राईवर बस को स्पीड से चला रहा था। बस में मौजूद अध्यापिका ने भी ड्राईवर को धीरे चलने को कहा था, लेकिन चालक ने किसी की नहीं सुनी। समलेहू के पास ओवर टेक करते हुए बस नीचे जा गिरी।