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थुनाग के कथैर में गोशाला राख, सुरक्षित निकाले पशु
Updated Fri, 03 Nov 2017 11:34 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जंजैहली (मंडी)। थुनाग पंचायत के कथैर गांव में एक दो मंजिला स्लेटनुमा भवन आग में स्वाह हो गया है। इस भवन में सात परिवारों की संयुक्त गौशालाएं थीं। आग लगते ही ग्रामीणों ने मवेशियों को काफी मशक्कत के साथ सुरक्षित निकाल लिया। लेकिन, आग से इसमें रखा घास और अन्य सामान भी जल गया है। आग लगने के कारणों का पता नहीं लग पाया है। माना जा रहा है कि यह आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी है। इस आग से लाखों का नुकसान होने का अनुमान है।
प्रभावितों में हेम सिंह पुत्र नंदलाल ने कहा कि जैसे ही सुबह 7 बजे घर से बाहर निकला तो उसने गौशाला की छत से धुआं उठते देखा। यह देखकर वह घबरा गया और गांव में सूचना दी। इतने में गांव के लोग भी जमा हो गए और आग बुझाने में लग गए। लोगों ने पशुओं को सुरक्षित बचा लिया। उन्होंने आग पर काबू पाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन वह भवन को नहीं बचा पाए। वहीं, आग साथ लगते एक अन्य घर के तरफ भी बढ़ गई गई थी, लेकिन पावर पंप की सहायता से आग पर काबू पा लिया गया। यह गौशाला हेम सिंह, लाल सिंह, ओम चंद, विजय कुमार, नरेंद्र कुमार, थाथूराम की साझी गौशाला थी। यहां सभी परिवार इस गौशाला में अपने पशुओं और घास आदि को रखते थे। गौशाला के जल जाने से अब इन सभी परिवारों को पशुओं को रखने के लिए कोई विकल्प नहीं रहा है। प्रभावितों ने प्रशासन से नाराजगी जताई है कि उन्हें इस आग की घटना के बाद कोई फौरी राहत नहीं दी है। इस बारे में तहसीलदार थुनाग शमशेर सिंह ने कहा कि हमारी ड्यूटी चुनावों में लगे होने के कारण हम फौरी राहत नहीं दे पाए हैं। आने वाले दिनों में पीड़ित परिवारों को फौरी राहत प्रदान की जाएगी। आग लगने की पुष्टि डीएसपी करसोग रामकरण राणा ने की है।
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प्रभावितों में हेम सिंह पुत्र नंदलाल ने कहा कि जैसे ही सुबह 7 बजे घर से बाहर निकला तो उसने गौशाला की छत से धुआं उठते देखा। यह देखकर वह घबरा गया और गांव में सूचना दी। इतने में गांव के लोग भी जमा हो गए और आग बुझाने में लग गए। लोगों ने पशुओं को सुरक्षित बचा लिया। उन्होंने आग पर काबू पाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन वह भवन को नहीं बचा पाए। वहीं, आग साथ लगते एक अन्य घर के तरफ भी बढ़ गई गई थी, लेकिन पावर पंप की सहायता से आग पर काबू पा लिया गया। यह गौशाला हेम सिंह, लाल सिंह, ओम चंद, विजय कुमार, नरेंद्र कुमार, थाथूराम की साझी गौशाला थी। यहां सभी परिवार इस गौशाला में अपने पशुओं और घास आदि को रखते थे। गौशाला के जल जाने से अब इन सभी परिवारों को पशुओं को रखने के लिए कोई विकल्प नहीं रहा है। प्रभावितों ने प्रशासन से नाराजगी जताई है कि उन्हें इस आग की घटना के बाद कोई फौरी राहत नहीं दी है। इस बारे में तहसीलदार थुनाग शमशेर सिंह ने कहा कि हमारी ड्यूटी चुनावों में लगे होने के कारण हम फौरी राहत नहीं दे पाए हैं। आने वाले दिनों में पीड़ित परिवारों को फौरी राहत प्रदान की जाएगी। आग लगने की पुष्टि डीएसपी करसोग रामकरण राणा ने की है।
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