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प्रिंटिंग मशीन निर्माता कंपनी को पचास हजार का हर्जाना
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Fri, 11 Dec 2015 09:45 PM IST
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जिला उपभोक्ता फोरम ने बैग प्रिंटिंग मशीन निर्माता कंपनी को उपभोक्ता के पक्ष में 3,43,500 रुपये की राशि ब्याज सहित अदा करने का फैसला सुनाया है। इसके अलावा निर्माता को उपभोक्ता के पक्ष में 50 हजार रुपये हर्जाना और पांच हजार रुपये शिकायत व्यय भी अदा करना होगा।
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जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष पुरेंद्र वैद्य, सदस्यों रमा वर्मा और आकाश शर्मा ने चच्योट तहसील के गोहर अस्पताल के नजदीक स्थित बिमला पेपर प्रोडक्ट्स के मालिक राजीव शर्मा की शिकायत को उचित मानते हुए दिल्ली के गांधीनगर में रघुनाथपुरा स्थित सोमया इंपेक्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय शर्मा को उपभोक्ता के पक्ष में 3,43,500 रुपये की राशि 9 प्रतिशत ब्याज दर सहित अदा करने का फैसला सुनाया है।
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अधिवक्ता समीर कश्यप के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने उक्त कंपनी से सिंगल फेस की नॉन वोवन बैग प्रिंटिंग मशीन खरीदने के लिए राशि अदा की थी, लेकिन जब कंपनी का इंजीनियर इसे लगाने के लिए गोहर आया तो उस समय यह पता चला कि उन्हें सिंगल फेस की जगह थ्री फेस मशीन दे दी गई है।
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जिस पर उपभोक्ता ने कंपनी से ठीक मशीन देने की प्रार्थना की, लेकिन कंपनी ने मशीन को सिंगल फेस करने के लिए 12 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि मांगी। उपभोक्ता ने यह राशि भी अदा कर दी। इसके बाद कंपनी के इंजीनियर ने मशीन को लगाते समय बताया कि इसमें निर्माण से संबंधित खराबी है और यह पूरी क्षमता से कार्य नहीं करेगी। ऐसे में उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी।
कंपनी की ओर से फोरम की कार्यवाही में भाग न लेने पर एकतरफा कार्यवाही अमल में लाई गई। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि उपभोक्ता की ओर से शपथ पत्र दायर किया गया कि उन्हें खराब मशीन दी गई है। मशीन में निर्माण संबंधी खराबी को साबित करने के लिए उन्होंने विशेषज्ञ का शपथ पत्र और रिपोर्ट भी प्रस्तुत की थी जिसमें निर्माण से संबंधी खराबी होने के कारण इसके ठीक ढंग से कार्य न करने के बारे में पुष्टि की गई थी।
फोरम ने अपने फैसले में कहा कि मशीन में निर्माण से संबंधित खराबी है जिसके चलते उपभोक्ता अपनी राशि वापस लेने का हकदार है। ऐसे में फोरम ने कंपनी को उक्त राशि ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा कंपनी की सेवाओं में कमी के कारण उपभोक्ता को हुई मानसिक परेशानी और यंत्रणा के बदले हर्जाना राशि और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया है।