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Mandi News: चेक बाउंस के मामले में दोषी को छह माह की सजा
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मंडी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अदालत संख्या-2 मंडी ने पीएनबी की ओर से दायर चेक बाउंस मामले में आरोपी गोवर्धन को दोषी करार देते हुए छह माह का साधारण कारावास और 8.50 लाख रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के तथ्यों के अनुसार आरोपी गोवर्धन ने 2016 में पीएनबी से 7.50 लाख रुपये का कार लोन लिया था। लोन की बकाया राशि चुकाने के लिए आरोपी ने 18 जुलाई 2018 को 7.40 लाख रुपये का चेक जारी किया, जो बाउंस हो गया। बैंक ने विधिक नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर भुगतान की मांग की, लेकिन आरोपी ने निर्धारित समय में राशि जमा नहीं की।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि चेक बाउंस जैसे मामले देश की आर्थिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं और इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। संवाद
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मामले के तथ्यों के अनुसार आरोपी गोवर्धन ने 2016 में पीएनबी से 7.50 लाख रुपये का कार लोन लिया था। लोन की बकाया राशि चुकाने के लिए आरोपी ने 18 जुलाई 2018 को 7.40 लाख रुपये का चेक जारी किया, जो बाउंस हो गया। बैंक ने विधिक नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर भुगतान की मांग की, लेकिन आरोपी ने निर्धारित समय में राशि जमा नहीं की।
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न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि चेक बाउंस जैसे मामले देश की आर्थिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं और इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। संवाद
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