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Mandi News: तीन लाख के चेक बाउंस की शिकायत समय से पहले, कर दी खारिज
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मंडी। तीन लाख रुपये के चेक बाउंस के मामले में सीजेएम मंडी की अदालत ने शिकायत समय से पहले दायर किए जाने पर खारिज कर दी। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने जुलाई 2016 में तीन लाख रुपये उधार लिए थे। इसके भुगतान के लिए जारी चेक 24 मई 2017 को पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया। पांच जून को कानूनी नोटिस भेजा गया और पांच जुलाई को शिकायत दायर कर दी गई।
अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता नोटिस की वास्तविक सेवा की तारीख साबित नहीं कर सका। डाक से भेजे नोटिस की सेवा अधिकतम 30 दिन बाद मानते हुए चार जुलाई 2017 को सेवा की अनुमानित तारीख मानी गई। इसके बाद आरोपी को भुगतान के लिए 15 दिन की वैधानिक अवधि मिलनी थी। ऐसे में पांच जुलाई को दायर शिकायत समय से पहले थी।
अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के योगेंद्र प्रताप सिंह बनाम सावित्री पांडे सहित अन्य फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि 15 दिन की अवधि पूरी होने से पहले धारा 138 एनआई एक्ट के तहत शिकायत दायर नहीं की जा सकती। अदालत ने शिकायत खारिज कर आरोपी का व्यक्तिगत बंधपत्र रद्द कर जमानतदार को भी मुक्त कर दिया।
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अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता नोटिस की वास्तविक सेवा की तारीख साबित नहीं कर सका। डाक से भेजे नोटिस की सेवा अधिकतम 30 दिन बाद मानते हुए चार जुलाई 2017 को सेवा की अनुमानित तारीख मानी गई। इसके बाद आरोपी को भुगतान के लिए 15 दिन की वैधानिक अवधि मिलनी थी। ऐसे में पांच जुलाई को दायर शिकायत समय से पहले थी।
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अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के योगेंद्र प्रताप सिंह बनाम सावित्री पांडे सहित अन्य फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि 15 दिन की अवधि पूरी होने से पहले धारा 138 एनआई एक्ट के तहत शिकायत दायर नहीं की जा सकती। अदालत ने शिकायत खारिज कर आरोपी का व्यक्तिगत बंधपत्र रद्द कर जमानतदार को भी मुक्त कर दिया।
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