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Mandi News: बंद सड़कों ने सेब बागवानों का छीना चैन
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बालीचौकी (मंडी)। उपमंडल की सड़कें अवरुद्ध होने के चलते सेब की तैयार फसल को मंडियों तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। बागवानों को फसल के खराब होने की चिंता सताने लगी है। अगर ऐसा ही रहा तो बागवानों को इस बार भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों की संपर्क सड़कें बंद होने से किसानों और बागवानों को अपनी रोजी-रोटी को लेकर चिंता सता रही है।
उपमंडल बालीचौकी के थाची, सोमगाड़, पंजाई, सुधराणी, थाटा, दुदवास सहित अन्य स्थानों पर इस बार सेब की बंपर फसल हुई है। 15 अगस्त से शुरू होने सीजन को लेकर बागवानों के पास अभी तक सेब की पैकिंग के लिए सामान भी नहीं पहुंचा है। लगातार मौसम खराब होने से अब तक बागवान सेब का तुड़ान नहीं कर पा रहे हैं।
बागबान रोशन कुमार, श्याम लाल, प्रकाश चंद, राम सिंह आदि का कहना है कि सेब तुड़ान 10-15 अगस्त से शुरू हो जाता है। इसके लिए सेब कार्टन और सफेदा के कार्टन के अलावा कई प्रकार का पैंकिंग का सामान उनके पास नहीं पहुंचा है। संपर्क सड़कें बंद होने से सेब पैकिंग सामान को बगीचों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। यदि शीघ्र सड़कें बहाल नहीं हुईं तो बागवानों की सेब की फसल मंडियों तक समय पर नहीं पहुंचेगी।
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बागवानों ने कहा कि साल भर पूरा परिवार सेब बगीचों में काम पर जुटा रहता है ताकि आमदनी से आजीविका चलाई जा सके। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द ग्रामीण सड़कों को बहाल करवाया जाए, ताकि समय पर सेब तुड़ान और फसल को मंडियों तक पहुंचाया जा सके।
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बालीचौकी खंड में करीब दो हजार हेक्टेयर भूमि पर सेब की पैदावार होती है। 15 अगस्त से नवंबर तक सेब तुड़ान चलता है। बालीचौकी क्षेत्र में कुछ पंचायतों में बारिश और भूस्खलन से बगीचों को नुकसान भी पहुंचा है।
-मोती राम, बागवानी प्रसार अधिकारी बालीचौकी
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मामला ध्यान में है। 30 जून से अब तक अधिकांश सड़कों को बहाल कर दिया था, लेकिन दोबारा बारिश होने से सभी सड़कें फिर से बंद हो गई हैं। पहले मुख्य सड़कों को खोलने का कार्य कर रहे है, उसके बाद संपर्क सड़कों को बहाल किया जाएगा।
-भूपेंद्र पाल, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग, उपमंडल बालीचौकी
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मामले को लेकर लोक निर्माण विभाग को सड़कें बहाल करवाने के आदेश दिए हैं, ताकि कृषि एवं बागवानी पर किसी तरह का प्रभाव न पड़ें। प्रशासन क्षेत्र में हर प्रकार के मामले पर निगरानी कर रहा है।
-देवी राम, एसडीएम बालीचौकी
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उपमंडल बालीचौकी के थाची, सोमगाड़, पंजाई, सुधराणी, थाटा, दुदवास सहित अन्य स्थानों पर इस बार सेब की बंपर फसल हुई है। 15 अगस्त से शुरू होने सीजन को लेकर बागवानों के पास अभी तक सेब की पैकिंग के लिए सामान भी नहीं पहुंचा है। लगातार मौसम खराब होने से अब तक बागवान सेब का तुड़ान नहीं कर पा रहे हैं।
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बागबान रोशन कुमार, श्याम लाल, प्रकाश चंद, राम सिंह आदि का कहना है कि सेब तुड़ान 10-15 अगस्त से शुरू हो जाता है। इसके लिए सेब कार्टन और सफेदा के कार्टन के अलावा कई प्रकार का पैंकिंग का सामान उनके पास नहीं पहुंचा है। संपर्क सड़कें बंद होने से सेब पैकिंग सामान को बगीचों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। यदि शीघ्र सड़कें बहाल नहीं हुईं तो बागवानों की सेब की फसल मंडियों तक समय पर नहीं पहुंचेगी।
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बागवानों ने कहा कि साल भर पूरा परिवार सेब बगीचों में काम पर जुटा रहता है ताकि आमदनी से आजीविका चलाई जा सके। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द ग्रामीण सड़कों को बहाल करवाया जाए, ताकि समय पर सेब तुड़ान और फसल को मंडियों तक पहुंचाया जा सके।
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बालीचौकी खंड में करीब दो हजार हेक्टेयर भूमि पर सेब की पैदावार होती है। 15 अगस्त से नवंबर तक सेब तुड़ान चलता है। बालीचौकी क्षेत्र में कुछ पंचायतों में बारिश और भूस्खलन से बगीचों को नुकसान भी पहुंचा है।
-मोती राम, बागवानी प्रसार अधिकारी बालीचौकी
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मामला ध्यान में है। 30 जून से अब तक अधिकांश सड़कों को बहाल कर दिया था, लेकिन दोबारा बारिश होने से सभी सड़कें फिर से बंद हो गई हैं। पहले मुख्य सड़कों को खोलने का कार्य कर रहे है, उसके बाद संपर्क सड़कों को बहाल किया जाएगा।
-भूपेंद्र पाल, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग, उपमंडल बालीचौकी
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मामले को लेकर लोक निर्माण विभाग को सड़कें बहाल करवाने के आदेश दिए हैं, ताकि कृषि एवं बागवानी पर किसी तरह का प्रभाव न पड़ें। प्रशासन क्षेत्र में हर प्रकार के मामले पर निगरानी कर रहा है।
-देवी राम, एसडीएम बालीचौकी