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Mandi News: शहर में सीवरेज व्यवस्था बेदम, सफाई के घंटे भर बाद ही जाम हो रहे चैंबर
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सड़कों और रास्तों पर बह रही गंदगी, लोगों को खुद करनी पड़ रही सफाई
वर्ष 1992 में बिछाई गई सीवरेज पाइपलाइन वर्तमान आबादी के लिए पर्याप्त नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। शहरवासियों की सुविधा के लिए बनाई गई सीवरेज व्यवस्था अब परेशानी का सबब बनती जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों में सीवरेज चैंबर बार-बार जाम होने से गंदा पानी सड़कों और गलियों में बह रहा है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद सफाई कर्मचारी कई बार तीन से चार दिन बाद मौके पर पहुंचते हैं। स्थिति यह है कि चैंबर साफ होने के कुछ समय बाद ही दोबारा अवरुद्ध हो जाते हैं।
सफाई के दौरान चैंबरों से बजरी, पत्थर, गंदे कपड़े और सैनेटरी पैड जैसे ठोस अपशिष्ट निकल रहे हैं। वहीं, निकाले गए कचरे को भी कई दिनों तक मौके पर ही छोड़ दिया जाता है, जिससे राहगीरों और आसपास के निवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
सुहड़ा मोहल्ला निवासी इंद्रपाल, राज कुमार, भोमा देवी और धर्मी देवी तथा महाजन बाजार के नरेंद्र कुमार और गोपाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि चैंबरों के लगातार जाम होने से उनकी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने संबंधित विभाग से समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
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शहर में वर्ष 1992 में बिछाई गई सीवरेज पाइपलाइन वर्तमान आबादी और बढ़ते सीवरेज भार के मुकाबले अपर्याप्त साबित हो रही है, जिसके चलते यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
इस संबंध में जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता देवराज ने बताया कि शहरी क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए शहर में जल्द ही नई सीवरेज पाइपलाइन बिछाने की योजना पर काम शुरू किया जाएगा।
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वर्ष 1992 में बिछाई गई सीवरेज पाइपलाइन वर्तमान आबादी के लिए पर्याप्त नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। शहरवासियों की सुविधा के लिए बनाई गई सीवरेज व्यवस्था अब परेशानी का सबब बनती जा रही है। विभिन्न क्षेत्रों में सीवरेज चैंबर बार-बार जाम होने से गंदा पानी सड़कों और गलियों में बह रहा है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद सफाई कर्मचारी कई बार तीन से चार दिन बाद मौके पर पहुंचते हैं। स्थिति यह है कि चैंबर साफ होने के कुछ समय बाद ही दोबारा अवरुद्ध हो जाते हैं।
सफाई के दौरान चैंबरों से बजरी, पत्थर, गंदे कपड़े और सैनेटरी पैड जैसे ठोस अपशिष्ट निकल रहे हैं। वहीं, निकाले गए कचरे को भी कई दिनों तक मौके पर ही छोड़ दिया जाता है, जिससे राहगीरों और आसपास के निवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
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सुहड़ा मोहल्ला निवासी इंद्रपाल, राज कुमार, भोमा देवी और धर्मी देवी तथा महाजन बाजार के नरेंद्र कुमार और गोपाल सहित अन्य लोगों ने बताया कि चैंबरों के लगातार जाम होने से उनकी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने संबंधित विभाग से समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
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शहर में वर्ष 1992 में बिछाई गई सीवरेज पाइपलाइन वर्तमान आबादी और बढ़ते सीवरेज भार के मुकाबले अपर्याप्त साबित हो रही है, जिसके चलते यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
इस संबंध में जल शक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता देवराज ने बताया कि शहरी क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए शहर में जल्द ही नई सीवरेज पाइपलाइन बिछाने की योजना पर काम शुरू किया जाएगा।