{"_id":"6687d9af1edef99975099cb4","slug":"chc-balichowki-building-could-not-be-started-even-after-inauguration-mandi-news-c-90-1-ssml1045-130234-2024-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: उद्घाटन के बाद भी नहीं शुरू हो सका सीएचसी बालीचौकी भवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: उद्घाटन के बाद भी नहीं शुरू हो सका सीएचसी बालीचौकी भवन
Sat, 06 Jul 2024 05:00 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Updated Sat, 06 Jul 2024 05:00 AM IST
विज्ञापन
बालीचौकी (मंडी)। सिराज घाटी के बालीचौकी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के भवन का उद्घाटन होने के बावजूद अभी तक यह कार्यान्वित नहीं हो सका है। पीएचसी भवन में ही सीएचसी को चलाया जा रहा है। इस कारण क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही है। लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 100 किलोमीटर दूर मंडी या कुल्लू अस्पतालों में जाना पड़ रहा है।
जिला मंडी और कुल्लू की 60 पंचायतों की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सीएचसी बालीचौकी पर निर्भर हैं। जिला कुल्लू की 20 पंचायतों के लोग उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। नौ करोड़ की लागत से बनने वाले सीएचसी भवन का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। अभी तक भवन में बिजली की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सीएचसी भवन की आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही सीएचसी का दर्जा बढ़ाकर इसे नागरिक अस्पताल बना दिया था। हालांकि पूर्व सरकार में ही इस अधूरे भवन का सरकार ने उद्घाटन कर दिया था। मगर सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने नागरिक अस्पताल को डिनोटिफाई कर दिया। इसके बाद इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी केसर सिंह, काहन सिंह, राज, दुले सिंह आदि का कहना है कि अस्पताल को नागरिक अस्पताल का दर्जा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के साथ अन्य सुविधाएं भी मुहैया करवाई जाएं, ताकि लोगों को लाभ मिल सके। उधर, कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष टेक सिंह का कहना है कि इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा।
सीएचसी भवन का कार्य पूरा हो गया है, लेकिन बिजली संबंधित कार्य पूरा नहीं हुआ है। इस कारण उक्त भवन में कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सीएचसी स्तर का स्टाफ भी अभी तक बालीचौकी में नहीं है। मामले को लेकर विभागीय उच्चाधिकारियों से बात कर उक्त पदों को भरने की मांग जाएगी।
-डॉ. पुष्पराज, बीएमओ जंजैहली
सीएचसी भवन बालीचौकी 16 करोड़ से बनना है। अभी तक भवन पर 11 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। भवन में बिजली का काम अभी अधूरा है। बजट की कमी के कारण यह कार्य नहीं हो पाए हैं। जैसे की सरकार की तरफ से बजट आता है, उसके बाद इसका कार्य किया जाएगा।
-विनोद शर्मा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, मंडल थलौट
विज्ञापन
जिला मंडी और कुल्लू की 60 पंचायतों की आबादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सीएचसी बालीचौकी पर निर्भर हैं। जिला कुल्लू की 20 पंचायतों के लोग उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। नौ करोड़ की लागत से बनने वाले सीएचसी भवन का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। अभी तक भवन में बिजली की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
विज्ञापन
पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सीएचसी भवन की आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही सीएचसी का दर्जा बढ़ाकर इसे नागरिक अस्पताल बना दिया था। हालांकि पूर्व सरकार में ही इस अधूरे भवन का सरकार ने उद्घाटन कर दिया था। मगर सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने नागरिक अस्पताल को डिनोटिफाई कर दिया। इसके बाद इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
विज्ञापन
स्थानीय निवासी केसर सिंह, काहन सिंह, राज, दुले सिंह आदि का कहना है कि अस्पताल को नागरिक अस्पताल का दर्जा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के साथ अन्य सुविधाएं भी मुहैया करवाई जाएं, ताकि लोगों को लाभ मिल सके। उधर, कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष टेक सिंह का कहना है कि इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा।
सीएचसी भवन का कार्य पूरा हो गया है, लेकिन बिजली संबंधित कार्य पूरा नहीं हुआ है। इस कारण उक्त भवन में कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सीएचसी स्तर का स्टाफ भी अभी तक बालीचौकी में नहीं है। मामले को लेकर विभागीय उच्चाधिकारियों से बात कर उक्त पदों को भरने की मांग जाएगी।
-डॉ. पुष्पराज, बीएमओ जंजैहली
सीएचसी भवन बालीचौकी 16 करोड़ से बनना है। अभी तक भवन पर 11 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। भवन में बिजली का काम अभी अधूरा है। बजट की कमी के कारण यह कार्य नहीं हो पाए हैं। जैसे की सरकार की तरफ से बजट आता है, उसके बाद इसका कार्य किया जाएगा।
-विनोद शर्मा, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, मंडल थलौट