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जोगिंद्रनगर सिविल अस्पताल के सीसीयू में मिला बायो वेस्ट
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जोगिंद्रनगर अस्पताल के सीसीयू में बायो बेस्ट निकालते एसडीएम।
- फोटो : Mandi
जोगिंद्रनगर (मंडी)। सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में शुक्रवार को एसडीएम डॉ. विशाल शर्मा ने करीब एक घंटे तक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान भारी अनियमितताएं सामने आईं। सीसीयू में बायो वेस्ट मिला वहीं वार्ड के बिस्तरों में चादरों में खून लगा था।
केवल गायनी वार्ड में ही व्यवस्थाएं सही पाई गईं। डिस्चार्ज हो चुके मरीजों की चादरें बदली नहीं गई थीं। अस्पताल में अग्निकांड जैसी घटनाओं से निपटने के लिए स्थापित सुरक्षा उपकरणों में भी खामियां पाई गईं। उपमंडलीय अस्पताल में दाखिल मरीजों के मनोरंजन के लिए लगी एलसीडी भी बंद मिली। इन सब अव्यवस्थाओं पर अस्पताल प्रबंधन कोई जवाब नहीं दे सका।
जोगिंद्रनगर अस्पताल के औचक निरीक्षण के बाद पत्रकारों से रूबरू हुए एसडीएम डॉ. विशाल शर्मा ने अनियमितताओं को उजागर किया। कहा कि उपमंडल के प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र की जांच के बाद व्यवस्था में सुधार लाया जाएगा। सिविल अस्पताल लडभड़ोल और जोगिंद्रनगर में सुविधाओं को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त करने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एक सप्ताह के बाद व्यवस्था का रिव्यू भी लिया जाएगा।
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ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ पर अस्पताल प्रशासन को एक-एक मीटर की दूरी पर गोले लगाने की भी हिदायत दी गई। उधर, सीएमओ डॉ. देवेंद्र शर्मा ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
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केवल गायनी वार्ड में ही व्यवस्थाएं सही पाई गईं। डिस्चार्ज हो चुके मरीजों की चादरें बदली नहीं गई थीं। अस्पताल में अग्निकांड जैसी घटनाओं से निपटने के लिए स्थापित सुरक्षा उपकरणों में भी खामियां पाई गईं। उपमंडलीय अस्पताल में दाखिल मरीजों के मनोरंजन के लिए लगी एलसीडी भी बंद मिली। इन सब अव्यवस्थाओं पर अस्पताल प्रबंधन कोई जवाब नहीं दे सका।
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जोगिंद्रनगर अस्पताल के औचक निरीक्षण के बाद पत्रकारों से रूबरू हुए एसडीएम डॉ. विशाल शर्मा ने अनियमितताओं को उजागर किया। कहा कि उपमंडल के प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र की जांच के बाद व्यवस्था में सुधार लाया जाएगा। सिविल अस्पताल लडभड़ोल और जोगिंद्रनगर में सुविधाओं को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त करने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एक सप्ताह के बाद व्यवस्था का रिव्यू भी लिया जाएगा।
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ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ पर अस्पताल प्रशासन को एक-एक मीटर की दूरी पर गोले लगाने की भी हिदायत दी गई। उधर, सीएमओ डॉ. देवेंद्र शर्मा ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।