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Mandi News: रावण को जलाने से पहले समाज की दस बुराइयों को खत्म करना जरूरी
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पड्डल मैदान में हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति ने बेटी बचाओ अभियान के तहत दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। रावण के दस शीश जलाने से पहले समाज में व्याप्त दस बुराइयों को खत्म करना जरूरी है। बेटियों से भेदभाव, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, दहेज प्रथा और जातिगत भेदभाव जैसी कुरीतियां आज भी समाज में मौजूद हैं। इसी संदेश के साथ हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति ने मंगलवार को मंडी के पड्डल मैदान में बेटी बचाओ अभियान के तहत जागरूकता अभियान चलाया। समिति ने सामाजिक बुराइयों को रावण के दस शीशों का प्रतीक बनाकर लोगों से इनके खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
समिति के जिला सचिव गजेंद्र शर्मा ने कहा कि समिति पिछले 20 वर्षों से रावण दहन के माध्यम से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य केवल रावण के पुतले का दहन करना नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए लोगों को प्रेरित करना भी है। उन्होंने कहा कि बेटियों को समान अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
समिति ने बेटियों से भेदभाव, छेड़छाड़, दुष्कर्म, महिला हिंसा, दहेज प्रथा, बाल विवाह, जातिगत भेदभाव, नशाखोरी, अंधविश्वास और भ्रष्टाचार को समाज की दस प्रमुख बुराइयों के रूप में रेखांकित किया। पर्चों के माध्यम से लोगों को जागरूक करते हुए समिति ने इन कुरीतियों को समाप्त करने के लिए अपने स्तर पर पहल करने की अपील की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। रावण के दस शीश जलाने से पहले समाज में व्याप्त दस बुराइयों को खत्म करना जरूरी है। बेटियों से भेदभाव, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, दहेज प्रथा और जातिगत भेदभाव जैसी कुरीतियां आज भी समाज में मौजूद हैं। इसी संदेश के साथ हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति ने मंगलवार को मंडी के पड्डल मैदान में बेटी बचाओ अभियान के तहत जागरूकता अभियान चलाया। समिति ने सामाजिक बुराइयों को रावण के दस शीशों का प्रतीक बनाकर लोगों से इनके खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
समिति के जिला सचिव गजेंद्र शर्मा ने कहा कि समिति पिछले 20 वर्षों से रावण दहन के माध्यम से सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य केवल रावण के पुतले का दहन करना नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए लोगों को प्रेरित करना भी है। उन्होंने कहा कि बेटियों को समान अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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समिति ने बेटियों से भेदभाव, छेड़छाड़, दुष्कर्म, महिला हिंसा, दहेज प्रथा, बाल विवाह, जातिगत भेदभाव, नशाखोरी, अंधविश्वास और भ्रष्टाचार को समाज की दस प्रमुख बुराइयों के रूप में रेखांकित किया। पर्चों के माध्यम से लोगों को जागरूक करते हुए समिति ने इन कुरीतियों को समाप्त करने के लिए अपने स्तर पर पहल करने की अपील की।
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